एक फार्म हाउस ऐसा जहाँ बकरे दूध देते हैं

6:18 pm or November 16, 2022

मयंक शर्मा

खंडवा १६ नवंबर ;अभी तक; निमाड के पूर्वी अंचल का जिला मुख्यालन  बुरहानपुर के एक सरताज फार्म हाउस पर 50 से अधिक प्रजाति के बकरे देखने को मिलते हैं लेकिन करिश्मा यह है कि यहां मोजूद जमघट मे 4 बकरे ऐसे है कि बकरे दूध देते हैं । एक पशु चिकित्सक ने कहा कि हार्मोंस में बदलाव के कारण ऐसा हो जाता है।

यह चैकाने वाली खबर पाकर  कुछ मीडिया कम्रियो का दल मंगलवार को मौके पर जाकर सत्यता जानने का प्रयास किया ।सरताज फार्म हाउस के संचालक डॉ तुषार ने बताया कि उनके यहां बकरे उच्च नस्ल के हैं। जिनको देखकर हर कोई देखता रह जाता है। यहां फाॉर्म हाउस में 4 बकरे दूध देते हैं।दूर-दूर से लोग यहां बकरों को देखने आते हैं। कुदरत का  करिश्मा मानकर लोग जरूर हक्का  बक्का है।

डा तुषार ने बताया कि उनके  सरताज फॉर्महाउस में बकरों की कई नस्लें हैं। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक बकरे की नस्ल यहां हैं।  फॉर्म हाउस में पंजाब, अहमदाबाद, राजस्थान, जयपुर, हैदराबाद अफ्रीकन बोर , चंबल नस्ल के बकरे हैं। पंजाबी और राजस्थानी प्रजाति के बकरे दूध देते हैं। दूध देने वाले बकरों की कीमत 52 हजार रुपए से लेकर चार लाख तक है।ं एक खास नस्ल के बकरे हैं जो दूध भी देते हैं।  फॉर्म हाउस में ऐसे 4 बकरे  हैं ।

उन्होने  बताया कि दूध देने वाले बकरे पंजाबी एव राजस्थानी ब्रीड प्रजाति के हैं।  बकरे पूरी तरह से नर प्रजाति के हैं। हालांकि इनकी नस्ल अलग होती है। कुदरत ने इनकी शारीरिक बनावट भी बकरी की तरह बनाई  है लेकिन इनके गुप्तांग पर बकरियों की तरह दो थन हैं। यह बकरे हर दिन 250 ग्राम दूध देते हैं। वे उनकी डाइट का पूरा ख्याल रखते  हैं।  उन्होने कहा  कि कुुुुुदरत  के करिश्मे के कारण दूध देने वाला बकरा जन आकर्षण का केन्द्र हो गया है।

डॉक्टर तुषार ने कहा  कि े बकरी पालन के शौक के कारण उन्होने अपनी इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ दी। अब धीरे-धीरे बकरी पालन का जिले के युवाओं को भी आकर्षित कर रहा है और ऐसे युवाओं को तुषार मोटिवेशन करते हुए बकरी पालन के गुण भी सिखाते हैं।