एक लाख व्यक्तियों में सिर्फ एक डाॅक्टर मेडिकल काॅलेज के निर्माण का मामला पहुॅचा हाईकोर्ट

8:00 pm or June 30, 2020

सिद्धार्थ पाण्डेय

जबलपुर ३० जून ;अभी तक;  छतरपुर मेडिकल काॅलेज के निर्माण में बरती जा रही लेट-लतीफी को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी थी। याचिका में कहा गया था कि छतरपुर,पन्ना व टीकमगढ जिले में एक लाख व्यक्तियों पर सिर्फ एक डाॅक्टर है। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ए के मित्तल तथा जस्टिस बी के षुक्ला की युगलपीठ ने अनावेदकों को जवाब पेष करने के लिए दो सप्ताह का समय प्रदान किया है।

याचिकाकर्ता हरि प्रसाद अग्रवाल की तरफ से दायर की गयी जनहित याचिका में कहा गया था कि छतरपुर में मेडिकल काॅलेज स्थपित किये जाने की अनुमत्ति साल 2018 में मिल गयी थी। इसके बाद मेडिकल काॅलेज बनाने के लिए जमीन आवंटित की गयी और 220 करोड रूपये का फंड जारी किया गया। काॅलेज निर्माण के लिए टेण्डर भी जारी कर दिये गये थे।जो बाद पर किन्ही कारणों से टेण्डर निरस्त कर दिये गये।

याचिका में कहा गया था कि छतरपुर जिले से डेढ सौ किलोमीटर दायरे में कोई मेडिकल काॅलेज नहीं है। छतरपुर,पन्ना व टीकमगढ जिले में एक लाख व्यक्तियों में सिर्फ एक डाॅक्टर है। इसके बाद भी मेडिकल काॅलेज के निर्णाण में लेट-लतीफी हो रही है। मेडिकल काॅलेज खुलने से क्षेत्र तथा समीपवर्ती जिलों के नागरिकों को बेहतर उपचार मिलेगा। याचिका की सुनवाई के दौरान सिर्फ मेडिकल यूनिवर्सिटी की तरफ से जवाब पेष किया गया तथा अन्य अनावेदकों ने जवाब पेष करने के लिए प्रदान करने का आग्रह किया। याचिका में प्रदेष सरकार के मुख्य सचिव,प्रमुख सचिव स्वास्थ विभाग,कलेक्टर छतरपुर,पीडब्लयूडी तथा मेडिकल यूनिवर्सिटी का अनावेदक बनाया गया था। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता डाॅ रष्मि पाठक ने पैरवी की।

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