एक वर्ष पूर्व की मेडिकल कालेज स्थापित करने की माँग पर मैने यह  पोस्ट अमेरिका से प्रेषित की थी ;डॉ सम्पत जाजू

महावीर अगवाल
मन्दसौर  २ अक्टूबर ;अभी तक;  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक डॉ सम्पत जाजू ने मेडिकल कालेज के लिये भूमि का चयन को लेकर प्रश्न उठाए है। संसदीय क्षेत्र में नीमच और मंद्सौर दोनो शहर को मेडिकल कालेज की सौग़ात केंद्र की भाजपा और प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार के संयुक्त प्रयास से संसदीय क्षेत्र की जनता की माँग पर मिली स्वीकृति के बाद केंद्र सरकार ने दोनो स्थानो के लिये तीस – तीस करोड़ ₹ की पहली किश्त की राशि आवंटित कर दी हैं ।
        उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य हैं की दोनो ही जगह अभी तक मेडिकल कालेज के लिये ज़मीन आवंटित नही की गईं हैं। दोनो ही शहरों में मेडिकल कालेज की ज़मीन आवंटन में अवरोध उत्पन्न हो गया हैं .जनप्रतिंधियों के  ज़मीन चयन के मामले में हस्तक्षेप के कारण दोनो स्थानो में आगे मेडिकल कालेज की स्थापना की कार्यवाही लटकी पड़ी हैं । सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधियों  कैसे विवाद पैदा करते हैं इसका उदाहरण नीमच ही अकेला नही हैं .
संसदीयक्षेत्र के मंदसौर की स्थिति भी यही हैं ..
 ग़लतियाँ स्वीकारने के बजाय मिथ्या आरोप लगा कर भ्रमित कर रहे हैं
             डाक्टर सम्पतस्वरूपजाजू पूर्व विधायक ने कहा कि आज सांसद मोहदय ने पत्रकार वार्ता कर जिस तरह से लीपापोती की हैं वो दर्शाता हैं कि सांसद नीमच  विकास के लिये कितने गम्भीर हैं . २०१९ के लोकसभा चुनाव में जिस नीमच जिले से उन्होंने लाखों वोटों से चुनाव जीता था वहाँ की जनता के साथ  सांसद एवम् उनके दल के अन्य जनप्रतिनिधियों ने जो क्रूर बर्ताव किया है उसके लिये क्षमा माँगने एवम् गलती स्वीकार करने के बनिस्बत वे ढिट बन कर बेशर्मों की तरह अपना पक्ष रखा वह निंदनीय हैं  उसकी जितनी भर्त्सना की जाय वो कम हैं ।
               कुछ अनुत्तरित प्रश्न हैं जिनका जबाव सांसद से चाहते हैं । केंद्र सरकार की मेडिकल कालेज खोलने की योजना की गाइडलाइन से लेकर स्थानीय प्रशासन से प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भिजवाने तक के बारे में नीमच जिले के लोग सांसद से लेकर स्थानीय वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों से स्पष्टीकरण चाहते हैं । सांसद एवम् स्थानीय जनप्रतिनिधियो की कार्यशैली पर जो प्रश्नचिन्ह  खड़े हुए हैं उसके बारे में सांसद एक शब्द भी नहीं बोले .स्थानीय प्रशासन की सभी प्रमुख समितियों में जो  विकास के कार्य प्रदेश सरकार को भेजती हैं में नब्बे प्रतिशत भाजपा के लोग हैं उनलोगों ने क्या किया आजतक?
सांसद ने कहा कि उन्होंने मंदसौर नीमच दोनो जगह पर मेडिकल कालेज खोलने के लिये पत्र लिखे सांसद ने नीमच के लिखे पत्र को सार्वजनिक किया क्या वे मंदसौर के लिये लिखे पत्र को सार्वजनिक करेंगे कि कौनसे महीने की कौनसी तारीख़ को लिखा था ..सांसद ने कलेक्टर को पत्र योजना की घोषणा के छे माह बाद लिखा कारण स्पष्ट हैं कि नीमच जिले के जनसामान्य का आक्रोश  को देखकर अपनी ग़लतियों पर पर्दा डालने के लिये . केन्द्रीय स्वास्थ मंत्रीजी एवम् मुख्यमंत्रीजी को को तब पत्र लिखा जब स्थानीय ( नीमच ज़िला)प्रशासन को स्थानीय कांग्रेस के लोगों ने योजना की घोषणा के बाद एप्रिल माह में ज्ञापन देकर मेडिकल कालेज के लिये स्थान चिन्हित की माँग का ज्ञापन दिया ।
 उन्होंने कहा कि केंद्र की इस महती योजना के तृतीय चरण की घोषणा के बाद सांसद मोहदय की नींद जगी और पत्र लिखे . योजना के प्रथम एवम् द्वितीय चरण के समय तो वे कुंभकर्णी नींद में थे
प्रशासन ने जनता की पहल पर   नियमानुसार प्रस्ताव तैय्यार कर लिये तब सांसद ने पत्र लिखा ।
सांसद मोहदय कृपया जानकारी देंगे ।
केंद्र सरकार ने तृतीय चरण में मेडिकल कालेज खोलने की गाइड लाइन में प्रथम एवम् द्वितीय चरण  की गाइड लाइन में क्या परिवर्तन  किये.,
दूसरी बार के सांसद प्रशासनिक प्रक्रिया से अनभिज्ञ ..
जैसा की पूर्व में स्थानीय सांसद पर आरोप लगे थे कि वे केन्द्रीय योजनाओं से अनभिज्ञ हैं या अकर्मणय हैं उसको उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकारा .
 आज उन्होंने जानकारी दी हैं कि उन्होंने कलेक्टर नीमच को पत्र लिख कर कहा हैं कि नीमच में मेडिकल कालेज खोलने के प्रस्ताव बना कर राज्य सरकार को भेजे जिससे नीमच को भी केंद्र सरकार के लिये प्रेषित प्रस्ताव में नीमच क नाम भी जुड़ सके .
क्या यह दुर्भाग्यपूर्ण नहीं हैं कि सांसद ने जिस कार्यवाही करने को कलेक्टर से कहाँ वो कार्यवाही बहुत समय पूर्व ही करवा लेनी चाहिये थी विगत छे माह में कलेक्टर से स्थानीय जनप्रतिनिधि एवम् सांसद कई बार व्यक्तिगत मिलें तब जनप्रतिनिधियों ने  इतने महत्वपूर्ण मुद्दे के बारे में कलेक्टर से चर्चा करना भी उचित नहीं समझा . यह क्या दर्शाता हैं .?
सांसद मोहदय बोल रहे हैं कि उन्होंने मुख्यमंत्रीजी और दिल्ली में मंत्रालय में चर्चा की . जहाँ उन्हें सक्रिय हो कर प्रस्ताव भिजवाना था वहाँ तो वे पूरी तरह निष्क्रिय रहे जब नीमच जिले की जनता जागृत हुई और उनका विरोध शुरू हुआ तो अब लीपा पोती कर रहे हैं .
सांसद की कार्यशैली सबको उजागर हो गईं हैं कि वे किस तरह से नीमच जिले के विकास के बारे में सोच रखते हैं ।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज सम्बंधी कुछ प्रश्न  जिनके उत्तर आपेक्षित हैं  ..
ज़िला अस्पताल को उन्नयन कर मेडिकल कालेज खोलने की योजना कब शुरू हुई ?
 प्रथम चरण में कितने कालेज खुले
द्वितीय चरण में कितने खुले ।
क्या प्रथम द्वितीय एवम् तृतीय चरण में गाइड लाइन अलग अलग हैं अगर हैं तो बताये क्या परिवर्तन किये गये । ज़िला अस्पताल ज़िला मुख्यालय पर होता हैं क्या इसके अलावा सिवलअस्पताल को उन्नयन कर मेडिकल कालेज खुल सकता हैं क्या ?
प्रथम एवम् द्वितीय चरण में सांसद  ने और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने क्या कार्यवाही की और उस समय प्रदेश सरकार ने क्या कार्यवाही की थी ।

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