एनएच 30 की तरह नालियों में गुणवत्ताविहीन कार्य, बीजांडाडी में बनी नालियों में आई दरारें

10:05 pm or May 30, 2022

प्रहलाद कछवाहा

मंडला 30 मई अभी तक.  मंडला से जबलपुर एनएच 30 मार्ग निर्माण होते करीब छह वर्ष बीतने वाले है, लेकिन मार्ग निर्माण आज दिनांक तक पूरा नहीं हो सका है, निर्माण एजेंसी को मंडला जिला प्रशासन कभी एक सप्ताह, तो कभी एक माह का समय देकर मार्ग निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार को भूल जाता है, जिसका खामियाजा जिले के वंशिदों को उठानी पड़ रही है। पूरे नेशनल हाईवे मार्ग के हाल बेहाल है, जगह- जगह दरारें आ गई है, जिससे हादसें का अंदेशा पल-पल बना रहता है। हाइवे मार्ग की तरह निर्माण एजेंसी द्वारा हाईवे किनारे नालियों का भी निर्माण कर रही है, जिसमें भी गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इन नालियों में कहीं पानी की तराई नहीं की जा रही है, तो कहीं बनी नालियों में दरारें आने लगी है।

                     जानकारी अनुसार बीजाडांडी जनपद मुख्यालय में जनपद तिराहा से बीआरजीएफ भवन तक नाली निर्माण का कार्य जीडीसीएल कंपनी द्वारा किया जा रहा हैं। यह कार्य गत एक वर्ष से अधिक समय से किया जा रहा है जो पूर्ण गुणवत्ताहीन व घटिया किस्म की सामग्री से किया जा रहा है, जिससे गांव के सभी व्यापारी व स्थानीय लोग बहुत परेशान हैं। बनी नालियो में दरारें आ गई है।

नाली खोद के लापता हो जाते है

गांव में कंपनी द्वारा नाली निर्माण के लिए जेसीबी मशीन से नाली खोदी जाती है और इसके बाद महिनों तक काम करने वाले कर्मचारी लापता हो जाते है स्थानीय व्यापारियों व गांव के लोगों द्वारा जब शिकायत की जाती है तो फिर कार्य प्रारंभ करते है जिसमें कही लोहे की सरिया बांध के भी कई सप्ताह कार्य प्रारंभ नही होता, खुली नाली में लोहे की सरिया बंधी होने से भी जनहानि का डर हमेशा लोगों को रहता है कंपनी के लोग स्थानीय ग्रामीणों को इतना परेशान कर देते हैं कि जब कार्य प्रारंभ होता है तो घटिया निर्माण कार्य को भी लोग अनदेखा कर देते है और यह सोचते है कि किसी प्रकार कार्य तो हो जाये जिससे दुकान और घर में आवागमन सुगम हो सके।

सीमेंट कांक्रीट मसाले में हेरा-फेरी

नाली निर्माण कार्य में कंपनी द्वारा जो लोहे की सरियों का जाल बिछाया जा रहा है वह निम्न स्तर का है तथा लोहे के जाल में दो सरियों की बीच की दूरी भी बहुत अधिक होती है जिससे निर्माण कार्य में मजबूती नही होती है वही निर्माण के दौरान सीमेंट कांक्रीट मसाले के साथ बड़े-बड़े पत्थर डालते है जिससे सीमेंट के मसाले की बचत हो। नाली में उपरी सतह के फर्श के दौरान भी घटिया किस्म की प्लाई, सेंटिग का उपयोग किया जाता है जो अक्सर ही टूट जाती है और सीमेंट का मसाला नीचे फर्श में गिर जाता है जिससे बारिश का पानी रूक सकता है। नाली के लेवल का भी कोई मापदंड नही है अपने मन माफिक कार्य किया जा रहा है कही नाली का लेवल उपर तो कही नीचे कर देते हैं।

बनते ही फट गई नाली

गुणवत्ताहीन तरीकों से बनाई गई नाली निर्माण में ढलाई के कुछ घंटों के बाद ही बहुत बड़ी-बड़ी दरारें आ जाती है और नाली में कंपन भी होता है। उल्लेखनीय है कि जब इन दरारों में पानी भरेगा तो कुछ ही दिनों में वहां से सीमेंट का मसाला छूट जायेगा और वह दरारें बहुत बड़ी हो जायेगी और नाली पूरी तरह फट जायेगी।

एक दिन भी नही होती तराई

नाली निर्माण के बाद संबंधित कंपनी द्वारा तराई नही की जाती पूरे गांव में नाली निर्माण में कही भी तराई नही हो रही है जिन घरों या दुकानों के सामने नाली बनी है वहां के लोग खुद ही तराई का कार्य करते है कंपनी के लोगों का शिकायत करने पर भी वह पानी न होने की समस्या बताकर तराई नही हो पायेगी का बहाना बता देते हैं।

आये दिन खराब हो जाती है मशीन

निर्माण कार्य के दौरान अक्सर ही जेसीबी मशीन खराब हो जाती है और कभी कंपनी में डीजल खत्म हो जाता है जिससे कार्य यथास्थिति में बंद हो जाता हैं। ज्ञात होवे की बीजाडांडी गांव की बसाहट राजमार्ग के दोनों ओर है तथा सड़क के दोनों ओर स्थानीय ग्रामीणों की दुकानें है, जनपद मुख्यालय होने से आस-पास के लगभग 50 गांव के लोग यही अपनी खरीदी करने आते है लेकिन नाली निर्माण के कारण स्थानीय व्यापारियों के व्यापार में भारी नुकशान हो रहा है इनके कछुआ गति से हो रहे निर्माण से गांव के सभी लोग बहुत परेशान हैं वही निर्माण के बाद राजमार्ग में मिट्टी, सीमेंट मसाला के ढेर छोड देते है और वाहनों का आवागमन होता है तो पूरी धूल-मिट्टी दुकानों और घरों में जाती है।

इनका कहना है

मेरी दुकान के सामने नाली निर्माण के दौरान मसालें के साथ बड़े-बड़े पत्थर भी डाले है और नाली में तराई भी नही की गई है, नाली निर्माण के बाद संबंधित ठेकेदार पानी तराई में लापरवाही बरत रहे है, यहां हम स्वयं पानी की तराई कर रहे है। नाली निर्माण के दौरान दुकानों की ग्राहकी पर भी असर पड़ रहा है। इसके साथ नाली निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
इनायत मंसूरी, स्थानीय ग्रामीण

मेरी दुकान के सामने गत एक माह से अधिक नाली खुदाई का कार्य हो चुका है लेकिन अभी तक पक्की नाली निर्माण कार्य प्रारंभ नही किया गया, जिसके कारण मुझे व्यापार करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकान में ग्राहक आने से डरते है, नाली खुली होने के कारण खतरा बना रहता है। ग्राहकी ना आने से नुकशान हो रहा हैं।
साकिब मंसूरी, स्थानीय ग्रामीण

नाली का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से हुआ है। निर्माण के दौरान घोर लापरवाही की गई और पानी की तराई नहीं की गई है, साथ ही खोदे गए गड्ढे को कम्पनी द्वारा भरा भी नहीं गया। जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। मेरे द्वारा स्वयं के व्यय पर गड्ढों में मिट्टी की फि़लिंग कराई गई है। एनएच 30 के मार्ग की तरह नाली के ऊपरी सतहों में जगह जगह दरारें आ गई है।
जितेश पांडेय, स्थानीय ग्रामीण

निर्माण कंपनी द्वारा कार्य में लापरवाही बरत रहे है। निर्माण कार्य को समय पर नहीं किया जाता है, आधा अधूरा काम छोड़ दिया जाता है और यदि काम को लेकर कुछ शिकायत करो तो ठेके के मज़दूर वाद विवाद करने पर आमादा हो जाते है। संबंधितो से आग्रह है कि उक्त विषय को उचित संज्ञान में लेकर उचित कार्यवाही करने की कृपा करे।
उपेन्द्र साहू, स्थानीय ग्रामीण
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