एफएक्यू मापदंड में फंसी लाखों की धान, धान उपार्जन के मापदंडों ने बढ़ाई किसानों की समस्या

10:28 pm or January 7, 2022

मंडला संवाददाता

मंडला ७ ;अभी तक;  जिले में धान उपार्जन कार्य तेजी से चल रहा है। पिछले पखवाड़े लगभग एक सप्ताह तक पूरे जिले में धान उपार्जन बाधित रहा क्योंकि बादल और बारिश ने मौसम बिगाड़ दिया। बारिश होने के कारण उपार्जन केंद्रों मेें रखी धान बड़ी मात्रा में भीग गई। मौसम खराब होने के कारण कई क्विंटल धान में नमी आ गई। मौसम की मार खाई सैकड़ों क्ंिवटल धान उपार्जन के मापदंड एफएक्यू पर खरा नहीं उतर रही। इससे उपार्जन कार्य भी बाधित हो रहा है। किसान बिना सही साफ सफाई के धान को विक्रय करने उपार्जन केंद्र पहुंच रहे हैं क्योंकि उन्हें डर भी है कि देर होने से कहीं उपार्जन की तिथी न गुजर जाए। इसलिए  जिले भर में अभी तक 11 लाख क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। इसमें से 6 लाख 20 हजार क्ंिवटल धान को स्वीकृत किया जा चुका है। 92 हजार क्विंटल धान को स्वीकृत किया जाना शेष है। जब तक इस धान को स्वीकृत नहीं किया जाता, किसानो के माथे पर चिंता की लकीरें बनी रहेंगी। आशंका जताई जा रही है कि इसमें से लगभग 18 हजार क्विंटल धान के रिजेक्ट हो सकती है। यदि इसे एफएक्यू मापदंड के अनुसार नहीं पाया गया।
यह है एफएक्यू के मापदंड.
विजातीय तत्व – कार्बनिक 01 प्रतिशत,
विजातीय तत्व -अकार्बनिक – 01 प्रतिशत
क्षतिग्रस्त, बदरंग, अंकुरित एवं घुने दाने – 5 प्रतिशत
अपरिपक्व, सुकड़े एवं कुम्हलाए दाने – 3 प्रतिशत
निम्र श्रेणी के मिश्रित धान – 6 प्रतिशत
नमी अधिकतम – 17 प्रतिशत