एमपी के बाद अब राष्ट्ीय पॉवर हब बनने को तैयार खंडवा जिला

मयंक शर्मा
खंडवा २३ नवंबर ;अभी तक;  प्रदेश का खंडवा जिला अब बिजली उत्पादन के क्षेत्र में देश में
अग्रणी भूमिका में नजर आएगा। शहर के नागचून तालाब की लगभग 2000 एकड़ भूमि
पर सोलर पॉवर प्लांट लगाने की योजना  है। 2000 एकड़ भूमि पर स्वंय के व्यय
से सोलर पॉवर प्लाट लगाने के लिए एनएचचपीसी व मध्यप्रदेश सरकार का उपक्रम
एनएचडीसी । नर्मदा हाइड्ो  इलेक्ब्कि कारपोशन।सहमत है। एनएचडीसी लिमिटेड
प्रदेश शासन एवं केन्द्र सरकार का संयुक्त उपक्रम है।
                   एनएचडीसी द्वारा पूर्व में सौंपी गई नर्मदा घाटी की जिले के इंदिरा सागर
एवं ओंकारेश्वर परियोजनाको आकर देकर बिजली निर्माण मे  महत्वपूर्ण योगदान
दे रही ा
                     नवनिर्वाचित सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के प्रयासों से इंदिरा सागर एवं
ओंकारेश्वर परियोजना की मानक शर्ताे के अनुरूप आवश्यक भूमि का लैण्ड यूज
परिवर्तित कर एनव्हीडीए को नामांतरित करने के पश्चात सोलर पॉवर प्लांट
लगाने हेतु एनएचडीसी को जिला प्रशासन द्वारा  ग्राम सुरगांव
नेपानी,मोघट,अजंटी,देवलामाफी,नागचून की जमीन हस्तांतरण की सैध्दांतिक
अनुमति दे दी गई है।
               कलेक्टर  अनय द्विवेंदी ने बताया कि नागचून क्षेत्र की सरकारी भूमि
एनएचडीसी को हस्तांतरित करने हेतु ,प्रशासनिक प्रकिया के उपरांत
सैध्दांतिक स्वीकृति दे दी गई है।
                 परियोजना लगाने का संपूर्ण व्यय एनएचडीसी वहन करेगी। इससे राज्य शासन पर
किसी भी प्रकार का वित्तीय भार ना आकर अपितु लाभ ही होगा। नागचून क्षेत्र
की लगभग 2000 एकड़ भूमि पर 400 से 500 मेगावॉट क्षमता का सोलर पॉवर प्लांट
एनएचडीसी द्वारा वर्ष 2023 तक स्थापित किये जाने की योजना पर युध्दस्तर
पर कार्य चल रहा है।
                 नगर निगम सूत्रों ने कहा कि नागचून क्षेत्र में विगत कई वर्षाे से सरकारी
जमीन पर अतिक्रमण कर अतिक्रमणकारियों द्वारा प्राकृतिक संपदा का दोहन
किया जा रहा था। अब क्षेत्र में सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना होने से
क्षेत्र की सरकारी जमीन का सदुपयोग होने के साथ ही शासकीय संपत्ति
अतिक्रमण होने से बचेगी।
देश की यह पहली शासकीय भूमि होगी जो कि लगभग 2500 हजार एकड़ एक चक में
स्थित है। जिसमे क्षेत्र के कई गॉव भी शामिल है। एनएचडीसी का सोलर पॉवर
प्लांट लगने के बाद यह भूमि स्वच्छ हरित ऊर्जा प्राप्ति भूमि के रूप में
देशभर में अपनी एक अलग पहचान स्थापित करेगी।
खंडवा जिले में अब तक द्वय बांध इंदिर सागर व ओंकारेश्वर से 1520 मेगावाट
संत सिंगाजी ताप परियोजना के चार इकाईयो से 2520 मेगावाट और ओकारेश्वर
सोलर प्लांट से 1हजार मेगावाठ और नागचून मे प्रसतावित 500  मेगावाठ बिजली
का उत्पादन के बाद जिले की कुल उत्पादन बिजली की क्षमता 55 सौ मगावाट से
अधिक होगी।

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