एलोपैथी का ज्ञान नहीं होने के बावजुद एलोपैथी से ईलाज करने वाले डॉ आरोपी को 01 वर्ष का सश्रम कारावास

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर / उज्जैन २७ फरवरी ;अभी तक; न्यायालय श्रीमान नदीम जावेद खान, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तहसील नागदा जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा आरोपी नितीश चन्द्रधर पिता कालीपद धर, निवासी-ग्राम बेडा बेडिया बंगाली कॉलोनी नागदा जिला उज्जैन का धारा-24 म0प्र0 आर्युविज्ञान परिषद अधिनियम में 01 वर्ष का सश्रम कारावास और धारा-15 भारतीय चिकित्सा परिषद में 06 माह का साधारण कारावास एवं कुल 1,500/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
                 अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी श्री मुकेश कुमार कुन्हारे ने अभियोजन घटना अनुसार बताया कि फरियादी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ0 संजीव कुमरावत ने थाना नागदा पर उपस्थित होकर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कराई कि, दिनांक 13.12.2011 को समय शाम 04ः00 बजे थाना नागदा से 02 किलोमीटर पूर्व सुभाष मार्ग पर मेन चौराहा नागदा पर एन.सी.धर दवाखाने की जांच पंचान एंव स्टाफ के समक्ष चैक किया गया तो अभियुक्त डॉ नितिश चन्द्र ऐलोपेथी दवाईयांे से ईलाज कर रहे थे तथा दो-तीन मरीज वहां से भाग गए थे। डॉ नितिश चन्द्र एक मरीज को आई.व्ही.आर.एल. इंजेक्शन सेप्ट्रीक लगाते हुए पाया गया तथा एक मरीज को ग्लूकोज़ की बॉटल भी लगी हुई पाई गई थी। दवाखाने में ऐलोपैथिक दवाई मिली थी अभियुक्त नितिशचन्द्र मौके से भाग गया। डॉ0 संजीव कुमरावत द्वारा दवाईयांे को विधिवत जप्त किया गया। अभियुक्त नितिशचन्द्र द्वारा ऐलोपैथी दवाईयों का ज्ञान ना होते हुए भी मरीजों का ईलाज एैलोपैथीक दवाईयों से ईलाज करता हुआ पाया गया। फरियादी की रिपोर्ट पर  थाना नागदा में आरोपी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई। आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्काें से सहमत होकर आरोपी को दण्डित किया गया।
न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी को दण्डित किया गया।

Related Articles

Post your comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *