एसपी के फास्ट क्राइम डिटेक्शन को असफल कर रही कोतवाली पुलिस

2:01 pm or June 7, 2022

निज संवाददाता

बैतूल ७ जून ;अभी तक;  डायरेक्ट आईपीएस ऑफीसर सिमाला प्रसाद के फास्ट क्राइम डिटेक्शन के चलते हत्या, दुराचार, लूट डकैती, चोरी, नाबालिक-बालिकाओं की दस्तयाब सहित जिले में घट रहे अन्य जघन्य अपराधों का त्वरित पर्दाफाश हो रहा है। फास्ट क्राइम डिटेक्शन के लिए बैतूल एसपी को पीएचक्यू से शाबाशी भी मिल चुकी है। इन सबके बावजूद कोतवाली पुलिस की लचर कार्यप्रणाली एसपी के फास्ट डिटेक्शन को असफल करती नजर आ रही है। कोतवाली पुलिस की लचर कार्यप्रणाली का ताजा मामला 32 घंटों बाद भी मोबाइल चोरी की एफआईआर दर्ज नहीं करने की है। रविवार 5 जून को साप्ताहिक बाजार सदर में जिले के वरिष्ठ पत्रकार मयंक भार्गव सहित अन्य लोगों के मोबाइल चोरी हो गये थे। वरिष्ठ पत्रकार श्री भार्गव ने 5 जून को दोपहर करीब 12 बजे मोबाइल चोरी की लिखित शिकायत कोतवाली थाने में की थी। परंतु 6 जून को रात्रि 8 बजे तक कोतवाली पुलिस ने मोबाइल चोरी की एफआईआर दर्ज नहीं की गई। 32 घंटों बाद भी मोबाइल चोरी की एफआईआर दर्ज नहीं होने से कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे है।

पुलिस सक्रियता दिखाती तो दबोच लिए जाते आरोपी

साप्ताहिक बाजार सदर में मोबाइल चोरी की वारदात की सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्यवाही करते हुए कोतवाली पुलिस सक्रियता दिखाती तो मोबाइल चोर गिरोह को दबोचा जा सकता था।  सूत्रों की मानें तो साप्ताहिक बाजार सदर में मोबाइल चोरी करने वाली गैंग के बारे में कोतवाली पुलिस को पुख्ता इनपुट भी मिल गया था। बताया जाता है कि मोबाइल गैंग में शामिल महिलाओं द्वारा नाबालिग बच्चों से साप्ताहिक बाजार सदर से मोबाइल चोरी करवाये जाते है। नाबालिगों द्वारा मोबाइल चोरी कर सदर ब्रिज के आसपास मूव्हमेंट करने वाली महिलाओं को दिया जाते है और चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद गैंग की महिला एवं नाबालिग रेल मार्ग से रफूचक्कर हो जाते है। जानकारों का मानना है कि यदि मोबाइल चोरी की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस सदर बाजार आसपास के इलाकों तथा रेलवे स्टेशन में सघन सर्चिंग करती तो वारदात के कुछ घंटों बाद ही मोबाइल चोर गैंग को दबोचा जा सकता था। परंतु मोबाइल चोरी का मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने एवं लिखित शिकायत मिलने के बाद भी आरोपियों को दबोचने के लिए कोतवाली पुलिस द्वारा ठोस कार्यवाही करने की बजाए आरोपियों को तलाशने की सिर्फ खानापूर्ति कर साइबर सेल के भरोसे मोबाइल चोरी के मामले को टाल दिया।

माइक टू सर से बात कर लें- टीआई

कोतवाली टीआई इन्स्पेक्टर अपाला सिंह ने बताया कि साप्ताहिक सदर बाजार में मोबाइल चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। 32 घंटों बाद भी मोबाइल चोरी होने की एफआईआर दर्ज नहीं होने के सवाल के जवाब में कोतवाली टीआई का कहना था कि इस संबंध में माइक टू सर से बात कर ले।

टीआई को ही करना है कार्यवाही-एएसपी

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज सोनी ने बताया कि सदर बाजार में मोबाइल चोरी के मामले में उन्होंने कोतवाली थाना प्रभारी को कार्यवाही करने के निर्देश दिये है। एफआईआर दर्ज करने में एएसपी से अनुमति लेने के सवाल पर श्री सोनी का साफ तौर पर कहना था कि मेरी अनुमति की जरूरत नहीं कोतवाली टीआई को ही कार्यवाही करना है।