ओंकारेश्वर में बनेगी आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा, एकात्मता की मूर्ति नाम होगा “स्टेचू ऑफ़ वननेस”

मयंक शर्मा
खंडवा १० जनवरी ;अभी तक;  धार्मिक नगरी और अध्यात्म के रूप में मध्यप्रदेश का ओंकारेश्वर
अब यहाँ इतिहस रचने को तैयर हैं। ओंकारेश्वर अष्टधातु से बनी आदि
शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह प्रतिमा ऊंचे
प्लेटफॉर्म पर स्थापित की जाएगी बतया जा रहा है कि इस प्लेटफॉर्म की उचाई
54 फीट होगी । बतादें कि जिस कंपनी ने सरदार पटेल के स्टेच्यू ऑफ यूनिटी
और दुबई की बुर्ज खलीफा जैसी इमारतों को बनाने में सहयोग किया है, उसी
कंपनी को इस प्रतिमा को बनाने का काम सौंपा जाएगा। शंकराचार्य सांस्कृतिक
एकता न्यास के न्यासी मंडल की बैठक भोपाल में शनिवार को शिवराज सिंह
चौहान की मौजूदगी में हुई। इसमें शंकराचार्य की प्रतिमा, संग्रहालय व
अंतरराष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान के संबंध में हुई चर्चा हुई। इस
दौरान इस पूरे प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन दिया गया। यह जानकारी खंडवा
पहंची प्रदेश की पर्यटन एवं खंडवा की प्रभारी मंत्री उषा ठाकुर ने दी।
                  मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि दिल्ली के अक्षर धाम की तर्ज पर आचार्य शंकर
न्यास वेदांत दर्शन के प्रचार प्रसार के लिए। सनातन की सारी व्यवस्थाए
सारी परंपराए जैसे विज्ञानं पर आधारित थी। जिस आधार पर हम जगतगुरु थे।
सभी सुंदर व्यवस्थाओं के साथ आदि शंकराचार्य की ज्ञान भूमि ओंकारेश्वर को
अद्वैत वेदांत के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसे
एकात्मता की प्रतिमा ‘STATUE OF ONENESS’ यानि “एकता की मूर्ति” नाम दिया
गया है। प्रतिमा स्थापना सहित अन्य कार्यों के लिए विस्तृत परियोजना
प्रतिवेदन बनाने के लिए वास्तुविद सलाहकार की नियुक्ति कर ली गई है।
मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अद्वैत वेदांत
संस्थान,अंतरराष्ट्रीय शोध केंद्र संदर्भ केंद्र और समन्वय केंद्र होगा।
संस्थान के अंतर्गत सात केंद्र (स्कूल) स्थापित किए जा रहे हैं। सात
केंद्रों में आचार्य हस्तामलक अद्वैत विज्ञान केंद्र, आचार्य सुरेश्वर
अद्वैत सामाजिक विज्ञान केंद्र, आचार्य तोटक अद्वैत संगीत एवं कला
केंद्र, महर्षि वेदव्यास अद्वैत ग्रंथालय, आचार्य गौड़पाद अद्वैत विस्तार
केंद्र और आचार्य गोविंद भगवत्पाद अद्वैत गुरुकुलम् हैं। इनमें अलग-अलग
मठ और पीठ की विभिन्न रूपों में झलक भी देखने को मिलेगी।
मूर्ति को ‘कमल’ के आकार के करीब 27 फीट ऊंचे बेस पर खड़ा किया जाएगा। आदि
शंकराचार्य की प्रतिमा की समुद्र तल से ऊंचाई लगभग 280 मीटर (918 फीट)
होगी। प्रोजेक्ट की लागत करीब 2 हजार करोड़ रुपए आएगी।मध्यप्रदेश राज्य
पर्यटन विकास ‍निगम को मैनेजमेंट और निर्माण एजेंसी के रूप में नियुक्त
किया गया है। प्रस्तावित प्रोजेक्ट के अस्थायी प्रदर्शन के लिए मॉडल
तैयार किया जा रहा है।