ओबीसी आरक्षण मामलाः सर्वोच्च न्यायालय में रिकॉल याचिका दायर,  सरकार ने भी दायर की रिव्यू याचिका

सिद्धार्थ पांडेय
 जबलपुर २३ दिसंबर ;अभी तक;  प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी सीट को सामान्य सीट में परिवर्तित किये जाने के आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में ओबीसी संगठनों ने रिकॉल याचिका दायर की है। इसके अलावा प्रदेश सरकार की तरफ से रिव्यू याचिका प्रस्तुत की गयी है।
                    अपाक्स,पिछडा वर्ग विकास मोर्चा,राष्ट्रीय पिछडा वर्ग अधिकार संघ की तरफ से दायर याचिका में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 17 दिसम्बर को पारित उस आदेश को चुनौती दी गयी है,जिसमें सर्वोच्च न्यायालय ने ओबीसी सीट को सामान्य सीट में परिवर्तित किये जाने के आदेश दिये थे।
                याचिका में कहा गया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 243 डी 6 में ओबीसी को अमूचित प्रतिनित्व के वास्ते राज्य सीटों को आरक्षित कर सकता है। प्रदेश में ओबीसी वर्ग का आरक्षण विधायका द्वारा लागू किया गया है। प्रदेश में ओबीसी आरक्षण साल 1994-95 से लागू है । मध्य प्रदेश में साल 2011 की जनगणना के अनुसार ओबीसी वर्ग 51 प्रतिशत है। जिसे समूचित प्रतिनिधित्व देने का प्रावधान पंचायत अधिनियम में मौजूद है। याचिका में उक्त आदेश को रिकॉल या मॉडिफिकेशन की राहत चाही गयी है।
                 इसके अलावा प्रदेश सरकार की तरफ से उक्त आदेश के खिलाफ रिव्यू याचिका दायर की गयी है। ओबीसी संगठन की तरफ से उक्त याचिका अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने दायर की है।