ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिषत आरक्षण देने पर रोक बरकरार

सिद्धार्थ पांडेय
जबलपुर २३ सितम्बर ; हाईकोर्ट द्वारा ओबीसी  वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण दिये जाने के संबंध में दायर लगभग दो दर्जन याचिकाओं की सुनवाई हाईकोर्ट जस्टिस संजय यादव व जस्टिस बी के श्रीवास्तव की युगलपीठ द्वारा की गई। सरकार की तरफ से पेष किये गये जवाब पर रिज्वाईजर दायर करने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने युगलपीठ से समय प्रदान करने का आग्रह किया। जिसे स्वीकार करते हुए युगलपीठ ने याचिका पर अगली तारीख 2 नवम्बर को निर्धारित की गयी है।
              उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से बढाकर 27 प्रतिशत किये जाने के संबंध में अशिता दुबे सहित  लगभग 2 दर्जन याचिकाएं हाईकोर्ट में दायर की गयी थी। याचिकाकर्ता अशिता दुबे की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में ओबीसी वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के अंतरिम आदेश हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2019 को जारी किये थे। युगलपीठ ने पीएससी द्वारा विभिन्न पदों पर ली गई परीक्षाओं की चयन सूची में भी ओबीसी वर्ग को 14 फीसदी आरक्षण दिए जाने का अंतरिम आदेश पारित किये थे।
              प्रदेष सरकार तथा कलेक्टर रायसेन ने पूर्व में जारी स्थगन आदेष वापस लेने तथा ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिषत आरक्षण दिने के संबंध में अपील दायर की थी। याचिका की सुनवाई के दौरान  सरकार की तरफ से पेष किये गये जवाब में कहा गया था कि प्रदेश में  51 प्रतिषत आबादी  ओबीसी वर्ग की है। ओबीसी, एसटी, एससी वर्ग की आबादी कुल 87 प्रतिषत है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि सर्वोच्च न्यायालय की 9 सदस्यीय पीठ  ने  इंदिरा साहनी मामले में स्पष्ट आदेश दिए हैं कि  आरक्षण 50 प्रतिषत से अधिक नहीं होना चाहिए। दायर याचिकाओं में ईडब्ल्यूएस  आरक्षण  तथा  न्यायिक सेवा में  27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने  की मांग भी की गई थी को भी चुनौती दी गई थी । याचिका में कहा गया था कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू करने से  प्रदेश में  60 प्रतिषत आरक्षण प्रभावी हो जाएगा।याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से रिज्वाईडर दायर करने समय प्रदान करने का आग्रह किया। युगलपीठ ने पूर्व में 27 प्रतिषत आरक्षण ओबीसी वर्ग के लिए लागू नहीं किये जाने को यथावत रखते हुए उक्त आदेष जारी किये।  याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से महाधिवक्ता पुष्पेंद्र कौरव तथा याचिकाकर्ताओं की तरफ से  अधिवक्ता आदित्य संघी अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ने पैरवी की ।

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