ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों का 50 हजार रु. प्रति एकड़ मांगा मुआवजा

मयंक भार्गव

बैतूल  १० जनवरी ;  कड़ाके की ठंड के बीच मौसम के करवट लेने से जिले के कई हिस्सों में बारिश के चलते किसानों को भारी नुकसान हुआ है। जिले में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं। जिसके चलते किसानों पर एक बड़ी आफत आ गई है।

फसलें को हो गई बर्बाद

शाहपुर ब्लाक के ग्राम खोकरा रैयत, नाकाढाना, रामपुर रैयत, टेमरा में और आसपास के इलाके में विगत दिनों बारिश और ओलावृष्टि की वजह से किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। बारिश के बाद किसान जब खेतों पर पहुंचे तो गेहूं, चना, मटर, तुवर सहित अन्य फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी। किसान नष्ट हुई फसलों का सर्वे करवाकर प्रसाशन से मुआवजे की गुहार लगा रहे हैं।

एसडीएम कार्यालय पहुंचे सैकड़ों किसान

बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को शाहपुर ब्लॉक के ग्राम खोकरा रैयत, नाकाढाना, रामपुर रैयत, टेमरा में और आसपास के ग्रामों के सैकड़ों ग्रामीणों ने सेवानिवृत्त रेंजर यशवंत सिंह धुर्वे के नेतृत्व में जनपद कार्यालय से रैली निकालकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे और नुकसान हुई फसलों का जल्द सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की। किसानों ने कृषि विभाग अधिकारी एवं तहसीलदार को भी ज्ञापन सौंपकर उचित कार्यवाही करने का आग्रह किया।

50 हजार रु. प्रति एकड़ मांगा मुआवजा

सेवानिवृत्त रेंजर यशवंत सिंह धुर्वे ने बताया कि 8 जनवरी को शाम 6 बजे के तकरीबन बारिश के साथ अत्यधिक ओलावृष्टि के कारण फसलों गेहूं चना मटर तुवर को बहुत नुकसान हो चुका है। किसानों ने प्रति एकड़ 50 हजार मुआवजा देने की मांग की है। सभी ग्रामों में सर्वे करवाकर गरीब किसानों को सहायता एवं मुआवजा देने की मांग एसडीएम तहसीलदार एवं कृषि विस्तार अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर की है। ज्ञापन सौंपने वालों में कृषक सुकडू वाडि़वा, रंगलाल, संतोष, रामदास सहित अनेक किसान शामिल थे।