कक्षा 10 संस्कृत पेपर की परीक्षा दे रहे 3 सॉल्वर को परीक्षा देते पकड़ा

 भिंड से डॉ रवि शर्मा
भिंड ८ सितम्बर ;अभी तक; भिंड जिले में 7 परीक्षा केंद्रों पर 855 छात्रों ने दी परीक्षा और परीक्षा के दौरान जमकर चली नकल । शिक्षा माफिया  सक्रिय हुए । भिंड जिले में कई वर्ष बाद जिले में शिक्षा माफिया एक बार फिर से सक्रिय हो रहा है और वह भी क्यों नहीं भिंड में संपूर्ण जिले में नकल के मामले में मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा नकल माफिया पूरी तरह प्रशासन पर हावी थे परंतु एक बार इस जिले में जब तक नकल माफिया और नकल करने वाले छात्र-छात्राओं ने तो भिंड कलेक्टर भिंड कलेक्टर डॉ इलैया राजा टी ने अपनी प्रशासनिक क्षमता के साथ  बच्चों से साफ तौर पर कह दिया था नकल के भरोसे ना रहें पढ़ें ।
                आज भी मुझे याद है जब मैं परीक्षा केंद्रों पर उनके साथ भ्रमण करता था तो भिंड जिले को नकल माफिया और नकल प्रकरण पूर्णता समाप्त कर गए थे शायद अब ऐसा प्रशासनिक अधिकारी चाहे तो क्या नहीं कर सकता परंतु उनके पास जितने भी आए प्रशासनिक अधिकारी ढीले ढाले जब तक ट्रेस आईएएस जिले की नाक होता है और इन सब चीजों को एसी में बैठ कर आदेश देखकर गनमैन पुलिस कप्तान को लेकर लाव लश्कर के साथ चलने वाले आईएएस हम उन्हें आईएस नहीं उन्हें तो ऐसे एस ए एस स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन सर्विस से भी गए गुजरे प्रशासनिक अधिकारी जो उसने ठान लिया करके दिखाता है जैसे भिंड जिले को जब तक कलेक्टर इलैयाराजा ।
            भिंड की कमान उन्होंने अपने हाथ में लेकर चलने की क्षमता थी और तीन उदाहरण जिला मुख्यालय के तो उन्हें हमेशा याद रखें प्रथम भिंड जिला चिकित्सालय को देश में कोई नहीं जानता था की प्रदेश का सबसे अच्छा जिला चिकित्सालय भिंड को दो बार प्रदेश में प्रथम स्थान दिलवाया और दिन रात से मेहनत करके अकेले चलने वाले उन्हें किसी पुलिस अधीक्षक की जरूरत नहीं होती । पुलिस अधीक्षक का भी काम कर लेते थे उन्हें एक छोटा सा बच्चा भी कह देता था अगर आप बच्चे से पूछोगे हमारे ढूंढ के कलेक्टर कौन हैं तो उस वक्त छोटे से बच्चे भी डॉक्टर इलैया राजा टी तपाक से प्रश्न का उत्तर देते थे । बच्चे और बच्चों में जो टेंस और ट्वेल्थ की परीक्षा देने वाले थे उन्होंने पढ़ना चालू कर दिया था और बिना नकल के  परीक्षाएं संपूर्ण कराने के बाद भी भिंड जिले में अभी तक कितनी परसेंटेज न करते नहीं हो पा रही थी छात्रों ने पढ़कर ईमानदारी से छात्रों ने अपना स्थान बना लिया था नकल माफिया तो भिंड में दिखाई नहीं देते नकल नाम वी भी चढ़ते थे बताओ नकल से पास हूं करके हमको सूची लेकर घूमना यह कोई अच्छी बात इस सोच को लेकर उन्होंने भिंड जिला मुख्यालय और संपूर्ण जिले में कितने कार्य किए माफिया राज तो खत्म ही कर दिया ।
             आज भी लोगों ने याद कर ते हैं  तरह  चलने वाले आईएएस को कलेक्टर को याद रखती है और आम नागरिक भी ऐसे अधिकारियों से खुश भी रहते क्योंकि प्रशासनिक शक्तियों का उपयोग कम लोगों ने का ज्यादा होता है हीरो का आकर्षण वह अपनी तरफ लेकर और उनकी सुख दुख को अच्छी तरह से सुनने के बाद व्यक्ति कहते थे कलेक्टर को तो ऐसा हो एसी गाड़ी एसी रूम ई सी ऑफिस मैं बैठकर कलेक्ट्री नहीं होती इसके लिए कुछ ना कुछ करना पड़ता है ना कि बैठे-बैठे उनको जाने के बाद पुणे शिक्षा माफिया कल की परीक्षा में पकड़े गए नकलची की संख्या सात बताई जा रही है और एक समाचार पत्र को तो प्रेस नोट में एक भी नकलची पकड़ ही नहीं गया । जिला शिक्षा अधिकारी तक नहीं यह कह रहा था कोई नकलची मैं कल नहीं कर पाया तो फिर यह साथ कहां से आ गए 3 फर्जी छात्र संस्कृत के पेपर में पकड़े गए । पिछले 4 सालों से परीक्षार्थी के मांगे पूरी तरह से निष्क्रिय हो गए थे वही निष्क्रिय शिक्षा माफिया पुणे फलने फूलने लगे उनका फिर से नकल का धंधा चलने लगा है ।एक छात्र ने और में जानकारी गलत देने के कारण उस पर दस्तावेजों में कुटी करण का मामला दर्ज किया गया सुरपुरा परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष की शिकायत पर पुलिस ने कुल 7 छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया जिले की तहसील में शिवपुरा में परीक्षा केंद्र बनाया गया परीक्षा केंद्र पर 7 अगस्त से दसवीं की विशेष परीक्षा के दौरान संस्कृत विषय की परीक्षा की परीक्षा केंद्र के कमरा नंबर 307 में राघवेंद्र जी ड्यूटी पर थे तभी कमरे में दसवीं के छात्रों ने परीक्षा देने वाले छात्रों से मस नहीं हुए ड्यूटी दे रहे शिक्षक में फार्म से संबंधित अन्य जानकारी मांगी उस पर छात्रों चेहरे लाल पड़ गए कोई भी जानकारी नहीं दे सके इसकी सूचना शिक्षक ने केंद्र अध्यक्ष रमेश सिंह कुशवाहा को दी यहां आकर केंद्राध्यक्ष छात्रों की जानकारी ली तो वे माता-पिता का नाम भी नहीं बता सके इसकी सूचना केंद्र अध्यक्ष ने सुरपुरा थाने को दी इससे एक साथ में छात्र परीक्षा फार्म में गलत जानकारी दी उसके बाद 4 छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया पुलिस ने इस मामले को कुल 7 छात्रों के खिलाफ परीक्षा अधिनियम और दस्तावेजों में फेरबदल करने का मामला दर्ज किया है ओके माध्यम से इस बात की जानकारी मिली है कि फर्जी छात्र परीक्षा में शामिल है इसकी सूचना थाने को दी मामले की जांच की तो पाया गए 3 छात्रों सहित कुल 7 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है जिन्हें सभी ब्लॉक स्तर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अलर्ट पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं हरभजन सिंह तोमर जिला शिक्षा अधिकारी