कथित कांग्रेसी नेता गज्जू सोनकर को हाईकोर्ट से झटका,  एनएसए की कार्यवाही को ठहराया उचित

सिद्धार्थ पांडेय
 जबलपुर  २४ दिसंबर ;अभी तक;  राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत नजरबंदी की सीमा लगातार बढाये जाने के खिलाफ कथित कांग्रेसी नेता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट जस्टिस शीलू नागू तथा जस्टिस पी के कौरव ने पाया कि याचिकाकर्ता के घर से बडी संख्या में गोला बारूद व हथियारों का जखीरा मिला था। उसके अलावा उसके खिलाफ पूर्व के कई संगीन अपराध दर्ज है। युगलपीठ ने नजरबंदी की सीमा बढाने का प्रयाप्त आधार होने के कारण याचिका को खारिज कर दिया।
                    कथित कांग्रेसी नेता व जुआ किंग के नाम से मशहूर गजेन्द्र उर्फ गज्जू सोनकर के खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट ने 13 नवम्बर 2020 को एसएसए की कार्यवाही की कार्यवाही करते हुए तीन माह तक कैद किये जाने के आदेश जारी किये थे।  राज्य सरकार ने 18 नवम्बर 2020 को एसएसए कार्यवाही की पुष्टि कर दी थी। जिसके बाद एनएसए की अवधि 13 मई 2021,13 अगस्त 2021,13 नवम्बर 2021 तक जिला मजिस्ट्रेट द्वारा बढा दी गयी। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा एनएसए कार्यवाही की अवधि बढाये जाने के खिलाफ उक्त याचिका दायर की गयी थी।
                     युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए रिकॉर्ड तलब किया था। जिसका अवलोकन करने के बाद युगलपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता ने एनएसए की कार्यवाही के खिलाफ पूर्व में याचिका दायर की थी। पुलिस को दबिश के दौरान याचिकाकर्ता के घर से बडी संख्या में फायर आर्म्स,गोला बारूद,धारदार हथियार सहित कई आपत्तिजनक सामग्री मिली थी। हाईकोर्ट ने उक्त याचिका को खारिज करते हुए जिला मजिस्ट्रेट की कार्यवाही को विधि संगत करार दिया था। युगलपीठ ने पाया कि एनएसए की अवधि बढाने की पुष्टि राज्य सलाहाकार बोर्ड द्वारा की गयी है। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि पर्याप्त आधार होने के कारण एनएसए की अवधि में बढोत्तरी की गयी है।