करीब 5 करोड़ का अवैध डीजल पेट्रोल जप्त

10:16 pm or November 11, 2022
प्रदीप सेठिया
बड़वाह 11 नवम्बर ;अभी तक; प्रदेश में खरगोन जिले के औद्योगिक क्षेत्र निमरानी में शुक्रवार को पेट्रोल-डीजल के अवैध कारोबार पर 4 विभागों ने बालाजी बायो डीजल पम्प और इससे जुड़े 3 स्थानों पर कार्यवाही की। कलेक्टर श्री कुमार पुरुषोत्तम ने बताया की पिछले कई दिनों से पेट्रोल-डीजल के अवैध संग्रहण और संगठित तरीके से विभिन्न स्थानों पर पेट्रोेल-डीजल बेंचे जाने की सूचना मिल रही थी। शुक्रवार को खरगोन-कसरावद एसडीएम तथा एसडीओपी मण्डलेश्वर को निर्देशित किया गया। प्रारम्भिक जांच में करीब 3 लाख डीजल या केरोसिन या बायो डीजल मिला है। जिसकी अनुमानित कीमत 4 से 5 करोड़ होने की सम्भावना है। यह पूरा संग्रहण बिना किसी नियम व अनुमति के किया जा रहा था। इसके अलावा संग्रहण स्थलों पर यूरिया और सार्वजनिक वितरण प्रणाली का गेंहू भी बरामद हुआ है।
*पेट्रोल पंप सहित तीन गोडाउन सील*
कलेक्टर श्री कुमार और एसपी श्री धर्मवीर सिंह ने निमरानी स्थित  कार्यवाही स्थलों का निरीक्षण किया। इन दौरान उन्होंने पेट्रोल पंप सहित 3 गोडाउन को सील करने के निर्देश दिए। निमरानी के एक गोडाउन पर 2 पेट्रोल या डीजल के भरे हुए टैंकर पाए गए है। एक टेंकर में 24 हजार लीटर और दूसरे टेंकर में 29 हजार लीटर पेट्रोल या डीजल या केरोसिन होने की आशंका है। इसी स्थल पर 4 बड़े-बड़े टेंकर रखे हुए पाए गए हैं। जो भरे हुए हैं इनका आंकलन अभी होना बाकी है। आपूर्ति अधिकारी श्री मनोहर ठाकुर द्वारा जिनकी जांच की जा रही है। इसी तरह एक अन्य गोडाऊन में यूरिया की बोरिया व यूरिया से बना कुछ तरह पदार्थ बना हुआ तथा पदार्थ बनाने के यंत्र भी मिले हैं। एक अन्य गोडाउन पर एक मिनी टेंकर और सार्वजनिक वितरण प्रणाली का गेहू पाया गया है। कलेक्टर श्री कुमार ने एसडीएम श्री अग्रिम कुमार को पूरी गहराई से मिशन के रूप में जांच करने के निर्देश दिए है।
*जांच समिति होगी गठित*
इस पूरे मामले की गहरी छानबीन के लिए जांच समिति गठित की जाएगी। कलेक्टर श्री कुमार ने कसरावद एसडीएम श्री अग्रिम कुमार, खरगोन एसडीएम श्री ओमनारायण सिंह, एसडीओपी श्री मनोहर गवली, आरटीओ, डीएसओ, आईटी विशेषज्ञ और डीपीओ को समिति में शामिल करने के निर्देश दिए है। एसडीएम श्री ओमनारायण सिंह ने बताया कि सुबह कलेक्टर श्री कुमार के निर्देशों पर टीम ने जांच प्रारम्भ की गई। बालाजी बायो डीजल पम्प के टैंक से इलेक्ट्रिक मोटर लगाकर पेट्रोल व डीजल निकाला जाना पाया गया। कार्यवाही के दौरान 3 गोडाउन और पैट्रोल पम्प कही भी मालिक नही पाए गए है।  इसके साथ ही तीन स्थानों के मालिको के बारे के जानकारिया जुटाई जा रही है। इस पूरे मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अलावा अन्य अधिनियमो में भी कठोर कार्यवाही की जाएगी।