करोड़ो किए खर्च, फिर भी उदयपुर वासी प्यासे, ढाई हजार की आबादी को वर्षो से नसीब नहीं है नलजल योजना का लाभ

10:16 pm or May 23, 2022

प्रहलाद कछवाहा

मंडला २३ मई ;अभी तक;  विकासखंड बीजाडांडी के ग्राम उदयपुर के वंशिदें वर्षो से पेयजल के लिए परेशान हो रहे है। ग्राम उदयपुर में पीएचई विभाग द्वारा पेयजल के लिए तीन बार लाखों रूपए खर्च किए गए, लेकिन ग्राम के लोगों की पेयजल समस्या का निराकरण आज दिनांक तक नहीं हो सका। हर बार पाईप लाईन बिछाई गई है, लेकिन ग्रामीणों की पानी की समस्या का निदान नहीं हो सका। इस समस्या से निपटने के लिए अब तक शासन के करीब 1 करोड़ 35 लाख रूपए खर्च किये जा चुके है। लेकिन समस्या का हल नहीं हो सका है। फिलहाल इस राशि में से 51 लाख रूपए की योजना से एक बार फिर उदयपुर में जल जीवन योजना के तहत पाईप लाईन बिछाई गई,  लेकिन इस बार भी लोगों के घर तक कनेक्शन ही पहुंच पाए है, पानी नहीं पहुंच पाया है।
                              जानकारी अनुसार जनपद पंचायत बीजाडाड़ी की ग्राम पंचायत उदयपुर में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए अब तक करोड़ों रूपए खर्च किए जा चुके है। इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। बता दे कि पिछले डेढ़ दशक से गांव की करीब तीन हजार की आबादी को प्रशासन पीने का पानी उपलब्ध नहीं करा सका है। इस वर्ष उदयपुर में जल जीवन योजना से 51 लाख रुपए की कार्य योजना तैयार कर घर-घर पाईप लाईन बिछाई गई।  ग्राम में पाईप लाइन विस्तार किया गया। लेकिन इन पाईपों से पानी की सप्लाई के लिए जल स्रोत्र नहीं मिल पाया। यह योजना भी फेल हो गई तो शासन के एक करोड़ पैतीस लाख रूपए पानी में चले जाएगे।

प्रेसर ना होने से नहीं मिल पाता सभी को पानी :

                       बता दे कि ग्राम उदयपुर समेत आधा सैंकड़ा गांव में गर्मी के सीजन में जल स्तर कम हो जाता है।  सूखाग्रस्त क्षेत्र होने के कारण गर्मी के चार महिने ग्रामीणो को पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्राम उदयपुर में दस साल पुरानी नल जल योजना भी है। पेयजल के लिए एक पानी की टंकी का निर्माण के साथ आधे से अधिक गांव में पाइप लाइन डाली गई। उस समय लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा इस पेयजल समस्या के निदान के लिए करीब 55 लाख रूपए खर्च किए गए। पाइप लाइन आधे गाँव में ही बिछाई गई। पानी का प्रेसर अधिक ना होने के कारण नल जल योजना से पानी सभी लोगों को नहीं मिल पाता है।  गर्मियों में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई हो पाती है। वह भी बहुत कम ग्रामीणो को पानी मिल पाता है। जिसके कारण ग्रामीणों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है।

10 साल में 85 लाख खर्च :

नेशनल हाईवे 30 में बसा ग्राम उदयपुर में पानी की समस्या से 2500 की आबादी जूझ रही है। वर्षो बाद भी यहां पेयजल के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए है। दस साल पहले भी नलजल योजना में 55 लाख रुपए खर्च किए गए थे, लेकिन पेयजल समस्या का निदान नहीं हो सका। पीएचई विभाग ने पेयजल समस्या से निपटने में बेहद लापरवाही बरती है, जिसका खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।  वर्ष 2018-19 में तरवानी ग्राम में एक बोर कराने के साथ पाइप लाइन बिछाने में करीब 10 लाख रुपया खर्च किया गए थे। जिसके बाद ग्राम उदयपुर के वंशिदों को एक दिन भी पानी नसीब नहीं हुआ। पाईन लाईन बिछने के बाद अब उसका कोई पता नहीं है। इसके बाद दोबारा वर्ष 2019-20 में पानी की समस्या के निदान के लिए 20 लाख रूपए स्वीकृत हुए। नलजल योजना से एक नया बोर गांव में किया गया, यहां भी पाइप लाइन से टंकी तक पानी पहुंचाया गया, लेकिन जल स्तर गिरने के कारण यह योजना भी फैल हो गई। इस तरह पीएचई विभाग ने योजना व विस्तारीकरण में करीब 85 लाख रूपए पानी में बहा दिए है। जिसका खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

इस वर्ष हुए  51 लाख खर्च :

बता दे कि पीएचई विभाग ने पिछले गत वर्षो में पानी की समस्या से छुटकारा दिलाने के नाम पर करीब 85 लाख रूपए की राशि पानी में बहा दिए है। जिससे लोगों को पानी तो नसीब नहीं हुआ, सिर्फ परेशानी ही झेलनी पड़ी। लेकिन  वर्ष 2021 में उदयपुर के लिए जल जीवन योजना से यहां के लोगों को पानी देने की तैयारी की गई। जिससे यहां के लोगों की समस्या हल हो सके। जल जीवन योजना के तहत 51 लाख रूपए खर्च किए गए, घर-घर नल कनेक्शन कर दिए गए, लेकिन इन नलों से पानी निकलने के स्थान पर हवा निकल रही है। एक बार फिर लाखों खर्च करने के बाद भी उदयपुर वासियों को घर पहुंच पानी नसीब नहीं हो सका है। 51 लाख रूपए की राशि पर फिर पानी फिर गया है।

टेंकरों से कर रहे पानी सप्लाई :

नल जल योजना बंद होने की कगार में है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने टेंकरों से पानी देने के निर्देश संबंधित ग्रामों के जनप्रतिनिधियों को दिए है। जिससे ग्रामीण पानी के लिए परेशान ना हो। ग्राम उदयपुर ेमें करीब तीन हजार की आबादी निवास करती है, जहां मात्र चार टेंकर प्रति दिन के हिसाब से एक छोटा टेंकर पहुंचा जा रहा है।  बता दे कि उदयपुर में 15 वार्ड है एवं 10 मोहल्ला है। टेंकरों को भी एक दिन छोड़कर वार्डो में पहुचाया जा रहा है, क्योकि टेंकरों की संख्या कम है और वार्ड ज्यादा। लोगो को इस गर्मी में पानी की खपत ज्यादा होती है लेकिन पानी नही मिल पा रहा है। लोग यहाँ वहाँ से पानी का जुगाड़ कर रहे है। ग्रामीणों ने मांग की है की टेंकरों की संख्या बढ़ाई जाए।  जिससे लोगो को पर्याप्त पानी मिल सके।

एक दिन छोड़ कर मिल रहा पानी :

ग्राम उदयपुर में करोड़ों खर्च करने के बाद लोगो को राहत नहीं  मिल पा रही है, इसका मुख्य कारण यहाँ पर पानी का कोई पुख्ता जल स्रोत्र ना होना है।  जल स्त्रोत नही होने के कारण  यहाँ पर सभी योजना फेल हो रही है। बता दे की विगत तीन-चार दिनों से ग्रामीण पेयजल के लिए काफी परेशान है, यहां नल जल योजना के दो बोर है, जिनका जल स्तर नीचे जाने की वजह से पानी कम आ रहा है। इसी वजह से 70 हजार लीटर की टंकी भर नही पा रही है। जिसके कारण क्षेत्र में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई नलजल योजना की जा रही है।  जिसमें भी लोगो को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।