करोडों का चांवल घोटाला जांच ठण्डे बस्ते में  

आनंद ताम्रकार
बालाघाट २४ जून ;अभी तक; मण्डला एवं बालाघाट जिले में कतिपय राईस मिलर्स द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से वितरित किये जाने वाले चांवल जिसे कस्टम मिंलिग के माध्यम से नागरिक आपूर्ति निगम को प्रदाय किया गया था उक्त गुणवत्ता विहिन चांवल जिसे पशु आहार पौल्टी फीड क्वालिटी का पाया गया था।
                मण्डला तथा बालाघाट जिले में उजागर हुये इस मामले के बाद पूरे प्रदेश में प्रदाय किये गये भण्डारित चांवल के गोदामों में जांच किये जाने पर पाया गया की राईस मिलर्स,नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से लगभग 470 करोड रूपये का चांवल प्रदाय किया गया जो उपभोक्ताओं में वितरित कर दिया गया।
                  इस मामले के उजागर होने के बाद प्रदेश शासन ने उच्चस्तरीय जांच के आदेष दिये तथा बालाघाट और मण्डला जिले के राईस मिलर्स, नागरिक आपूर्ति के संलिप्त अधिकारियों के विरूद्ध आर्थिक अपराध अनुसंघान शाखा जबलपुर में अपराध पंजीबद्ध कर प्राथमिकी दर्ज की गई। मार्च माह में पंजीबद्ध हुये इस मामले में आज तक कोई कार्यवाही नही हुई पता चला है की इस मामले की लीपापोती कर दी गई है और संलिप्त अधिकारियों को विभागीय जांच किये बिना उन्हें पदों पर पदस्थ कर दिया गया है।
   इस प्रकार करोडों रूपयों का घोटाला दम तोडता दिखाई दे रहा है।
            आष्चर्य तो इस बात पर भी है इस घोटाले के संबंध में किसी राजनेता जनप्रतिनिधि की ओर से जांच किये जाने और संलिप्त राईस मिलर्स और अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने को लेकर कोई बयान नही दिये गये।
             इन तथ्यों के आधार पर यह शंका दिखाई देती है की इस मामले में राजनेताओं का खुला संरक्षण है जिसके कारण उपभोक्ताओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से पशुआहार और मुर्गीदाना जैसा चांवल प्रदाय किये जाने के मामले पर चुप्पीसाघ रखी है।
              जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामकिशोर कावरे इस मामले में अपना रूख स्पष्ट करते हुये संलिप्त राईस मिलर्स और अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने हेतु उचित पहल करें।