कवियों ने ऐसा जमाया रंग, कि श्रोता रह गए दंग

10:57 pm or November 3, 2021
मोहम्मद सईद
 शहडोल 3 अक्टूबर ; अभीतक। चंदन नगरी के नाम से पहचाने जाने वाले सिंहपुर में मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस के मौके पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन कन्या हाई स्कूल परिसर में संपन्न हुआ।
             क्षेत्र के मशहूर मंच संचालक एवं गीतकार नरेंद्र मिश्र धड़कन के कुशल संचालन में दूर-दूर से पधारे कवि एवं कवयित्रियों ने अपनी शानदार रचनाओं से आयोजन को यादगार बना दिया।
               बालाघाट की मशहूर कवयित्री माधुरी किरण द्वारा सुमधुर सरस्वती वंदना से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। स्थानीय उभरते रचनाकार इंद्रजीत तिवारी ने अपनी रचनाओं से लोगों को आनंदित किया। बघेली के स्थापित और मशहूर रचनाकार राम लखन सिंह महगना ने अपनी हास्य रचनाओं से लोगों को गुदगुदाया। दिल्ली की पावनी कुमारी ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत अपनी ओजस्वी रचनाओं से मंच को गरिमा प्रदान की। हास्य एवं व्यंग्य के कवि बारासिवनी के अंतु झक्कास ने अपनी चुटीली कविताओं से जहाँ समाज पर चोट की वहीं हास्य का पुट देकर श्रोताओं को खूब हंसाया। अंतु झक्कास के अपना क्या शब्द को लोगों ने काफी पसंद किया। इत्रनगरी कन्नौज के उभरते ओज के रचनाकार शिवम शुक्ला ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को रोमांचित कर दिया।
               स्थानीय रचनाकार मृगेंद्र कुमार श्रीवास्तव तन्हा ने महंगाई पर केंद्रित अपनी बघेली रचना एवं ट्यूशन वाले सर की बेहतरीन प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह लिया।
               बाराबंकी के हास्य कवि प्रमोद पंकज ने अपनी शानदार पैरोडियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया ।सतना के आजाद वतन वर्मा ने अपनी देशभक्ति एवं ओजयुक्त रचनाओं से मंच को ऊंचाइयाँ प्रदान की। माधुरी किरण ने अपनी माधुर्य युक्त रचनाओं से वातावरण को श्रृंगारमय कर दिया और जालौन की सुविख्यात कवयित्री नीलम कश्यप ने अपने कोकिल कंठ से प्रेम पगी रचनाओं की प्रस्तुति से पूरे सदन को प्रेम रस में भिगो दिया।
                   मंच संचालक नरेंद्र धड़कन के संचालन का जादुई सम्मोहन कार्यक्रम को और रोचक बना रहा था। गीतकार ऋषि रामेंद्र मोहन त्रिपाठी ने अनेक मशहूर रचनाओं का पाठ कर मध्य रात्रि में भी लोगों को अपने काव्य के सम्मोहन से बांधे रखा।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मंचासीन अतिथियों प्रोफेसर शिव कुमार दुबे, डॉ. पवन पांडे, रामाधार श्रीवास्तव, मोहम्मद इश्तियाक खान एवं अध्यक्ष यादवेंद्र पांडे द्वारा विद्या एवं ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की प्रतिमा का पूजन कर माल्यार्पण के साथ दीप प्रज्वलित करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
                    कार्यक्रम के सूत्रधार यादवेंद्र पांडे ने आयोजन की भूमिका एवं आयोजन के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि यह आयोजन गांव ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है ।जिसमें गांव के स्थानीय नेतृत्व ,समस्त साहित्य प्रेमियों, विशिष्ट जनों एवं उत्साही कार्यकर्ताओं का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है।
                  इस अवसर पर प्रोफेसर शिव कुमार दुबे ने आयोजन की मुक्त कंठ से सराहना की। साथ ही सिंहपुर गांव एवं वहां की प्रतिभाओं का जिक्र करते हुए यह बताया कि शहडोल ही नहीं बल्कि पूरे प्रांत में सिंहपुर की एक विशेष पहचान है और यह पहचान यहां की उत्सव धर्मी परंपरा की वजह से है ।
इस अवसर पर उपस्थित अपने संभाग के आयुक्त  राजीव शर्मा, जो स्वयं एक सुविख्यात साहित्यकार हैं, ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए साहित्य एवं कला के क्षेत्र में सिंहपुर की विशेष पहचान का जिक्र करते हुए आयोजन की सफलता हेतु शुभकामनाएं प्रदान की।उन्होंने साहित्य को समाज का दर्पण निरूपित करते हुए बताया कि ऐसे आयोजनों से सामाजिक सुधार एवं प्रतिभाओं के उन्नयन का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने नागरिकों से श्रेष्ठ नागरिक निर्माण में अपनी भूमिका निर्धारित करने का भी आग्रह किया। आयोजक समिति की ओर से मोहम्मद कामिल द्वारा आमंत्रित साहित्य मनीषियो, अतिथियों और साहित्य प्रेमी श्रोताओं का हृदय से अभिनंदन करते हुए उन सब के प्रति आभार व्यक्त किया गया जिन्होंने मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस पर ग्राम पंचायत सिंहपुर द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के सफलतम संपादन में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका का निर्वहन किया। उपस्थित विशिष्ट रसिक श्रोताओं में एडीजीपी डीसी सागर भी विशेष उल्लेखनीय रही।