कांग्रेसी नेताओं का पुलिस के सामने हथियार उठाने का कथन तालिबानी विचारधारा का परिचायक -विजय गुर्जर      

महावीर अगवाल
मंदसौर २७ सितम्बर ;अभी तक;   बीते दिनों कांग्रेस के जिम्मेदार नेताओं का प्रतिनिधि मंडल अपार उत्साह और जोश के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा था जहां पर एक डोडाचुरा प्रकरण को लेकर धरना ज्ञापन भी दिया गया था जिसे देखकर शहर के नागरिकों के मन में प्रश्न भी उत्पन्न हुआ की कोरोना, डेंगू सहित अनेक परेशानियों महा मारियो से जूझ रहे नागरिकों के प्रति कभी कांग्रेसी नेताओं की सहानुभूति और ध्यान नहीं आया मगर किसी विषय पर ध्यान आया तो वह  डोडाचुरा तस्करी  है और उस समय भी पुलिस अधिकारियों के सामने खुली चुनौती देकर यह कहना कि पुलिस अगर गोली चलायेगी तो हम लोग भी हथियार उठा लेंगे कांग्रेसी नेताओं का यह कथन भारत देश में तालिबानी संस्कृति और विचारधारा को जन्म देने वाला जैसा प्रतीत होता है यह बात पूर्व पार्षद, जिला भाजपा कार्यकारी सदस्य विजय गुर्जर ने अपने बयान में कही है आगे विजय गुर्जर ने कहा है कि  देश आज भारत निर्माण की ओर कार्य कर रहा है और इस कार्य में पुलिस और सेनाओं के साहस के कारण यह कार्य हो पा रहा है और आतंकवादियों और तालिबानियों से भारत देश को सुरक्षित रखा जा पा रहा है ऐसे में डोडाचूरा तस्करी के मामले में पुलिस अधिकारियों के सामने कांग्रेस के जिम्मेदार नेताओं का हथियार उठाकर पुलिस को धमकाने का कार्य उनके मनोबल को नीचे गिराने के साथ ही कांग्रेसी नेताओं के दोहरे चरित्र को भी प्रदर्शित कर रहा है जबकि जिम्मेदार नेताओं को यह बात भी अच्छे से ध्यान की की पुलिस में प्रकरण दर्ज होने के बाद उसका नियमानुसार निराकरण न्यायालय में हो सकता है धरने प्रदर्शन से नहीं उसके बाद भी इस तरह के कृत्य को करके समाज को क्या संदेश देने का प्रयास किया गया है यह विचार का विषय है    ।                                  अंत में विजय गुर्जर ने विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया के बयान का समर्थन किया है कि इन नेताओं के पास कितने हथियार हैं और वह वेध है या अवैध है यह जांच का विषय है साथ ही में पूर्व में हुए  आंदोलन की तरह कोई बड़ा आंदोलन  माफियाओं के लिए खड़ा करने की शुरुआत तो नहीं है इसकी और ध्यान दिए जाने की भी आवश्यकता है।