काउसिलिंग के समय किये नियमों में परिवर्तन, हाईकोर्ट ने कहा तीन साल तक सेवा देने वाले डॉक्टर को माने इनसर्विस उम्मीदवार

8:33 pm or September 22, 2022
सिद्धार्थ पांडेय
 जबलपुर २१ सितम्बर ;अभी तक;  परिवार कल्याण एव स्वास्थ विभाग में कार्यरत डॉक्टरों को तीन साल तक सेवा देने पर इनसर्विस उम्मीदवार का लाभ दिये जाने तथा मेडिकल चिकित्सा विभाग में कार्यरत डॉक्टरों को इसका लाभ नहीं दिये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिका में कहा गया था कि काउसिलिंग पूर्व सरकार ने भर्ती नियम में किया है, परीक्षा के दौरान यह नियम प्रभावी नहीं था। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विषाल मिश्रा ने युगलपीठ ने तीन साल तक सेवा देने वाले सभी डॉक्टरों को इनसर्विस उम्मीदवार का लाभ देने निर्देष जारी किये है।
                    याचिकाकर्ता डॉ आकाष गुप्ता सहित अन्य की तरफ से दायर की गयी याचिकाओं में कहा गया था कि वह मेडिकल कॉलेज तथा जिला अस्पताल में मेडिकन ऑफिसर के रूप में सेवा प्रदान कर रहें है। प्रीजी कोर्स के लिए इनसर्विस उम्मीदवारों के लिए 30 प्रतिषत आरक्षित सीट रहती है। इसके अलावा एक साल सेवा देने पर दस अंक अतिरिक्त दिये जाते है। तीन साल तक अधिक सेवाकाल का लाभ दिया जाता है।
                  याचिका में कहा गया था कि प्रीजी कोर्स में दाखिले के लिए उन्होने इन सर्विस उम्मीदवार के तौर पर परीक्षा दी थी। परीक्षा के रिजल्ट में उन्हें अच्छे अंक प्राप्त हुई थी। काउसिलिंग के पहले चिकित्सा षिक्षा विभाग ने नियमों में संषोधन करते हुए सिर्फ ग्रामीण व दूरगार्मी क्षेत्रों में तीन साल तक सेवा देने वाले उम्मीदवारों को इनसर्विस उम्मीदवार मानने का आदेष जारी कर दिया।
                  याचिका में कहा गया था कि 21 सितम्बर से प्रीजी कोर्स के लिए काउसिलिंग ष्षुरू हुई है। परीक्षा के आयोजन के समय कोई नियम था और मैच षुरू होने के बाद नियमों में बदलाव नहीं किया जा सकता है। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने उक्त आदेष जारी किये। याचिकाकर्ताओं के तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी उपस्थित हुए।