कान्हा के किसली वनपरिक्षेञ में बाघ का शव का मिला, शव को इल्लियों के खाने से मेल या फीमेल का पता नही चल सका 

8:57 pm or November 18, 2020
कान्हा के किसली वनपरिक्षेञ में बाघ का शव का मिला शव को इल्लियों के खाने से मेल या फीमेल का पता नही चल सका 
मण्डला से सलिल राय
मंडला १८ नवंबर ;अभी तक; कान्हा के जंगल मे एक बाघ की मौत होने की जानकारी में बाघ के उम्रदराज की बात कही गई है वही बाघो की उम्र के बारे में कहा जाता हैं बाघ जन्म लेने के बाद तीन चार बर्ष की आयु में परिपक्व हो अपने इलाके की तलाश करते हुये अपने अधिपत्व के जंगल इलाके में विभिन्न आचरणों से अपना कब्जा बनाने की जुगत में उस इलाके में रहने वाले अन्य बाघ से टाइगर फाइट करते हैं इस स्थिति में बड़ी उम्र के टाइगर को उस जंगल इलाके से बाहर अपना रहवास बनाते हैं यह वह स्थिति होती उस उम्रदराज बाघ की जब उसके दांत नाखून सभी शिकार करते करते घिस जाते है और वह जब फुर्तीले अंदाज में शिकार नही कर पाता तब उम्र के अंतिम पड़ाव पर ऐसे टाइगर्स किसी शांत इलाके जहाँ बलसाली बाघ से उसका सामना न हो इसके चलते बाघ अपना जीवनयापन करते है इसी से जुड़ी स्थिति परिस्थितियों के चलते सम्भवतः कान्हा के एक बाघ की मौत की खबर इस तरह पार्क प्रबंधन कान्हा ने बताई हैं वह यह रही ।
                     मध्यप्रदेश के मण्डला के विश्व विख्यात वन्यप्राणीयो की सरज़मी कान्हा टाइगर रिजर्व के जंगल में एक बाघ की मृत देह सड़ी गली अवस्था में मिली हैं जानकारी के हवाले में बताया गया हैं कि टाइगर की मौत एक अनुमान के मुताबिक चार पांच दिन पहले हुई होगी । बाघ का शव 17 नवम्बर को देखा गया था।
                     कान्हा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एस के सिंह ने जानकारी में बताया कि कान्हा टाइगर रिजर्व के किसली वनपरिक्षेञ के अंतर्गत बीट मोचीदादर के कक्ष क्रमांक 645 में 17 नवंबर को पार्क प्रबंधन के सुरक्षा दल जब जंगल की गस्ती कर रहे थे तब उन्हें जंगल मे किसी वन्यप्राणी की दुर्गन्ध महसूस होने पर दल जंगल के उस इलाके की ओर बढ़ा जहाँ से दुर्गंध आ रही थी तभी उन्हें एक टाइगर की मृत देह दिखी जिसकी सूचना उन्होंने पार्क के अधिकारियों को दी ।
                   फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि मृत बाघ का शव लगभग चार पांच दिन पुराना था बाघ की उम्र लगभग 14 से 15 साल की बताई गई हैं वही यह बाघ बूढा होने के कारण इसके दांत काफी घिस चुके थे जिसकी वजह से बाघ अपना आहार जुटाने में सम्भवतः सक्छम नही था।
                      बाघ का शव परीक्षण आज बुधवार को शासकीय चिकित्सक डॉ ज्योतिषी ने किया इन्होंने ने बताया कि टाइगर की देह को इल्लियों ने काफी शरीर के भाग को नष्ट करने से यह अभी पता नही चला हैं कि मृत बाघ नर था या मादा बाघ के अंगों चमड़ी बाल को सम्बंधित परीक्षण केंद्रों कान्हा पार्क प्रबन्धन द्वारा भेजा रहा हैं।
                 उल्लेखनीय हैं कि कान्हा टाइगर रिजर्व दुनियाभर में बाघ की सुरक्षित पहरेदारी के लिए जाना जाता हैं वही हाल ही में पदस्थ हुये फील्ड डायरेक्टर एस के सिंह ने पार्क प्रबंधन की सुरक्षा लाइन और अन्य सूत्र तंत्र को अधिक सक्रियता लाने की पहल की हैं।  इस समय कान्हा पार्क बर्षाकाल समाप्ति के बाद पार्क कोरोना गाइड लाइन के पालन के साथ  देशी विदेशी सैलानियों के लिए खुल गया हैं।हाल ही में पर्यटकों को जंगल के राजा के दर्शन भी खूब हो रहे है। इस समय कान्हा के जंगलों में एक सौ दस बाघ परिवार की संख्या का दावा किया जा रहा हैं।

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