कान्हा नेशनल पार्क के गेट के समीप ग्राम लगमा में बैगा हाट प्रारंभ, बैगा संस्कृति एवं पारंपरिक उत्पादों को मिलेगी नई पहचान

6:49 pm or November 5, 2020
कान्हा नेशनल पार्क के गेट के समीप ग्राम लगमा में बैगा हाट प्रारंभ, बैगा संस्कृति एवं पारंपरिक उत्पादों को मिलेगी नई पहचान

आनंद ताम्रकार

बालाघाट ५ नवंबर ;अभी तक;

जिला मुख्यालय बालाघाट से लगभग 80 किमी दूर एवं विश्व विख्यात कान्हा नेशनल पार्क के मुक्की गेट से मात्र 04 किमी दूर ग्राम लगमा में जिला प्रशासन बालाघाट द्वारा बैगा हाट निर्मित किया गया है। देश में विशेष पिछड़ी जनजातियों के रूप में पहचाने जो वाले बैगा आदिवासियों की संस्कृति और उनके पारंपरिक उत्पाद अब पार्क में आने वाले पर्यटकों के माध्यम से विश्व में अपनी नई पहचान पाएगें। इसके लिए 03 अक्टूबर 2020 को बैहर एसडीएम श्री गुरू प्रसाद के विशेष मार्गदर्शन में ग्राम लगमा में बैगा हाट प्रारंभ किया गया। इस बैगा हाट में बैगाओं के पारंपरिक उत्पाद और उनकी संस्कृति से जुड़ी चीजों को देश दुनिया में पहचान देने के लिए इसे तैयार किया गया है। इस बैगा हाट की खास बात ये है कि इसमें रोजगार भी पूरी तरह से स्थानीय वनवासियों को दिया जाएगा।
                प्रशासन द्वारा बैगा हाट के संचालन के लिए वन विभाग, रेशम विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) को जिम्मेदारी दी गई है। यहां आने वाले वाले पर्यटकों को स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित मिट्टी के बर्तन, लाख की चुड़ियां, ब्लेक राईस, मशरूम, बांस के फर्नीचर, बैगाओं के पारंपरिक आभूषण और वाद्य यंत्र से लेकर हाथ से बने औजार और बैगा जनजाति द्वारा तैयार कोदो-कुटकी के व्यजंन भी खरीदने के अवसर मिलेगें। इतना ही नहीं इस हाट के साथ वनवासी रेस्टारेंट एवं केंटीन भी होगा। जिसमें आने वाले पर्यटकों को पारंपरिक बैगा व्यंजन भी परोसे जाने की योजना है।
                बैगा हाट में आये हुए पर्यटकों से इस संबंध में फीडबेक लिया गया। फीडबेक में पर्यटकों द्वारा बैगा हाट की प्रशंसा करते हुए सुझाव दिया गया कि इसमें गार्डन, आनलाइन पेमेंट आदि भी होने चाहिए। जिला प्रशासन द्वारा इस सुझाव पर जल्द ही अमल किए जाने की तैयारी की जा रही है।

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