कान्हा पार्क में शुरू हुई वन्य प्राणियों की गणना तीन दिन शाकाहारी, तीन दिन मांसाहारी की गणना

10:20 pm or January 6, 2022

नारायणगंज से प्रहलाद कछवाहा

मंडला 06 जनवरी  ;अभी तक;   कान्हा टाइगर रिजर्व के जंगलो में वन्य प्राणियों की गणना का कार्य प्रारंभ हो गया है। कान्हा पार्क के जंगल चिन्हित बीटों  पर वन्य जीवों की उपस्थिति के प्रमाण खोजना शुरू किया गया है। इस कार्य मेंं वनकर्मी, वन्य प्राणी प्रेमी, विशेषज्ञ और पार्क प्रबंधन के अधिकारी कर्मचारी मौजूद है। वन्य प्राणियों की गणना सात दिनों तक चलेगी। जिसके तहत नई तकनीकी और तरीकों से वन्य जीवों की गणना की जाएगी। इस दौरान 3 दिन तक शाकाहारी और 3 दिन तक मांसाहारी प्राणियों की गिनती की जाएगी जबकि एक दिन सभी आंकड़ों को एकत्रित किया जाएगा। इसके लिए प्रबंधन सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

                       जानकारी अनुसार अखिल भारतीय बाघ गणना के तहत पांच जनवरी से जिले के कान्हा नेशनल पार्क में बाघ व अन्य वन्यप्राणियों की गणना शुरू की गई है। यह गणना 11 जनवरी तक की जाएगी। इस गणना के लिए प्रशिक्षित वनकर्मियो को जिम्मेदारी सौंपी गई। इस गणना में वनविभाग के बीट गार्ड द्वारा प्रतिदिन पांच किमी के क्षेत्रफल में वन्यप्राणियों व बाघों के जंगल में मिलने वाले पगमार्क और पेड़ों पर खरोंच के निशान के आधार पर गणना की जा रही है। कान्हा के 182 बीट में 364 कर्मचारियों द्वारा गणना की जा रही है।

बताया गया कि वनकर्मियों की टीमों को अलग-अलग बीटों में बाघ समेत अन्य वन्यप्राणियों की गणना के लिए तैनात किया गया है। यहां वनकर्मी द्वारा पेड़ों पर मिलने वाले खरोंज के निशान, मल-मूत्र के अंश, जमीन पर गिरे बाल, पगमार्क के जरिए मांसाहारी और शाकाहारी वन्यजीवों के अप्रत्यक्ष साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे है। जिससे वन्य जीवों के नजर आने पर उसे प्रत्यक्ष गणना में शामिल किया जा सके। बताया गया कि इस बार बाघ गणना का डाटा कलेक्शन डिजिटल किया जा रहा है। इसके लिए विशेष तरह के इकोलॉजिकल एप की मदद ली जा रही है। इस एप में ही बाघों और अन्य वन्य प्राणियों से जुड़ी सारी जानकारी दर्ज की जा रही है।

बताया गया कि वन्यप्राणियों की गणना कान्हा नेशनल पार्क में की जा रही है। पांच जनवरी से शुरू वन्यप्राणियों की गणना में पहले तीन दिन मांसाहारी और तीन दिन शाकाहारी वन्यप्राणियों की गणना की जाएगी। वहीं गणना के दौरान कुछ मांसाहारी और शाकाहारी वन्यप्राणियों के निशान मिले है। यहां 182 बीट में 364 वनकर्मियों द्वारा गणना के दौरान मिलने वाली जानकारी विभाग के एप्लीकेशन में दर्ज कर रही है।

पांच किमी ट्रांजिट लाईन पर चल रहे वन कर्मी :

बता दे कि कान्हा नेशनल पार्क के 182 बीट में तैनात वनकर्मियों द्वारा रोजाना पांच किमी क्षेत्र में वन्यप्राणियों की पहचान के लिए भ्रमण किया जाएगा। इस दौरान बाघ के अलावा अन्य वन्य प्राणियों की जानकारी भी एकत्र की जा रही है। इस बार एम स्ट्राइप एप्लीकेशन के माध्यम से गणना की जानकारी प्रपत्र में भरी जा रही है। जिसमें तीन दिन शाकाहारी और तीन दिन मांसाहारी वन्यप्राणियों की गणना की जाएगी। वन कर्मियों को प्रति दिन 5 किमी ट्रांजिट लाइन पर चलना है। जहां वन्यप्राणियों की उपस्थति रहती है। उसी चिन्हित स्थान में ही पहुंचकर वन्यप्राणियों की जानकारी ली जा रही है।

कान्हा में सफारी का समय भी बदला:

बताया गया कि वन्य प्राणी गणना के दौरान स्थल से ही जीपीएस रीडिंग, डेटा तैयार करना, मोबाइल एप के माध्यम से सेटेलाइट से कनेक्ट होकर वनकर्मी और वालेंटियर्स एप में डेटा फीडिंग करेंगे। वन्यप्राणियों की गणना होने के कारण कान्हा पार्क में सफारी के समय में भी बदलाव किया गया है। बुधवार से  पार्क के कान्हा, किसली, मुक्की, खटिया रेंज में पर्यटन होगा, वंही इस दौरान पार्क में पर्यटन के लिए पार्क में पर्यटकों को सुबह 6.30 बजे के स्थान पर 7.30 बजे पार्क में प्रवेश दिया जाएगा।
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