काम निकलने के बाद बैल को मालिक ने लावारिस छोड़ा

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर ८ नवंबर ;अभी तक; सामाजिक कार्यकर्ता और पशु प्रेमी ओम बड़ोदिया ने पुनः मानवता की मिसाल पेश की। ग्राम झार्ड़ा में एक बैल जिसका पैर पुरी तरह सड़ चुका था, उसके मालिक ने उसे तड़पता हुआ छोड़ दिया कई ग्रामीणों व राहगिरों ने भी उसे देखा लेकिन मदद के लिये आगे नहीं आये। श्री बड़ोदिया को इसकी खबर मिलते ही वह झार्ड़ा पहुंचे तथा बैल को मंदसौर लाकर गौशाला पहुंचाया तथा चिकित्सकों से उसका उपचार शुरू करवाया गया।
समीपस्थ ग्राम झार्ड़ा निवासी रामेशचन्द्र चन्देल ने ओम बड़ोदिया को सूचना दी कि झार्ड़ा में डैम के पास डेढ़ महीना से एक बैल के पैर में गहरा जख्म है तथा वह तड़प रहा है उसका कोई उपचार कराने वाला नहीं है। जिस पर बड़ौदिया ने तुरंत संबंधित डॉक्टर को सूचना कर उस बैल का प्राथमिक उपचार करवाया। तत्पश्चात् एक पिकअप के माध्यम से उसे श्री बड़ोदिया व उनकी टीम उस बैल को मन्दसौर लाई तथा 10 नंबर नाका स्थित गौशाला में रखा गया है।
पशु चिकित्सक ने बताया कि लम्बे समय से जख्म होने के कारण पैर का जख्म काफी गहरा हो गया तथा पैर में कीड़े पड़ने व सड़ जाने से पैर काटना पड़ेगा। मन्दसौर के पशु चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू कर दिया। संभवतः आज उसका पैर काटकर उसकी जान बचाने की कोशिश की जाएगी।
श्री बड़ोदिया ने पशु मालिकों से निवेदन किया है कि वे पशुआंे व जानवरों से काम निकल जाने के बाद उन्हें इस तरह लावारिस ना छोड़े। जब तक वे काम आते है तब तक उनकी पूछ परख की जाती है जैसे काम निकलता है उन्हें खुला छोड़ दिया जाता है जिससे वे वाहनों की टक्कर से घायल हो जाते है तथा उन्हें समय पर उपचार नहीं मिल पाता जिससे कई बार उनकी जान भी चली जाती है। ऐसे पशु मालिक मानवीयता दिखाते हुए काम निकलने के बाद भी पशुओं/जानवरों का संरक्षण करे। और जो मालिक इस तरह का निर्दयी कार्य करते है उनके विरूद्ध प्रशासन कठोर कार्यवाही करे।

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