काला भाटा बांध निर्माण एवं चंबल पेयजल योजना में हुए भारी भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस उच्च न्यायालय में दायर करेंगे जनहित याचिका  

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर २७ जून ;अभी तक;  शहर कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष डॉ राघवेन्द्रसिंह तोमर ने प्रेस वक्तव्य में बताया कि इन दिनों मन्दसौर नगर में जल संकट गहरा गया है, नागरिक पेयजल के लिए तरस रहे है । दुर्भाग्य की बात है करीब 8 वर्ष पूर्व लगभग 35 करोड़ की लागत से काला भाटा बांध बनाया गया था उस समय बताया गया था कि इस बांध के बनने से आने वाले 30 वर्षो तक मंदसौर में पेयजल की कोई कमी नहीं होगी,नगर पालिका के द्वारा मंदसौर के नागरिकों को भ्रमित करने के लिए जानकारी प्रसारित की गई तथा इसकी आड़ में खुलकर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार कर मोटी अवैध कमाई की गई । इस मामले की जांच की मांग लगातार कांग्रेस पार्टी करती रही है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से भ्रष्टाचारियों के हौसले और बुलंद हो गए ।
                  डॉ तोमर ने कहा इसी प्रकार लगभग 52 करोड़ की लागत से चंबल पेयजल परियोजना का कार्य प्रारंभ किया गया एवं श्रेय लेने के चक्कर में ताबड़तोड़ बिना तकनीकी परीक्षण के उसे चालू किया गया लेकिन अमानक सामग्री का उपयोग होने से यह परियोजना पूरी तरह से दम तोड़ चुकी है । जगह-जगह से पाइप लाइन फूट रही है आम आदमी की गाढ़ी कमाई का जिस तरीके से दुरुपयोग चंबल परियोजना में किया गया है जिससे मंदसौर के नागरिकों में भारी आक्रोश है ।
                 डॉ तोमर ने कहा कि इस पूरी परियोजना में तकनीकी अधिकारी कर्मचारियों द्वारा घोर लापरवाही की गई,ठेकेदार से सांठगांठ करके अवैध रूप से भारी भ्रष्टाचार किया गया ।इन सभी जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर एवं दंडात्मक कार्रवाई होना चाहिए ।
डॉ तोमर ने कहा कि जिस तरीके से पाइप लाइन बिछाई गई उसका आधार मजबूत नहीं बनाने से जगह-जगह पाइपलाइन झूल रही है और टूट रही है जो तकनीकी अधिकारी कर्मचारी इसकी देखरेख व परीक्षण के लिए तैनात थे उनके द्वारा ईमानदारी से कार्य नहीं किया गया जिस कारण इतनी महत्वपूर्ण परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई ।
                डॉ तोमर ने बताया कि काला भाटा बांध निर्माण एवं चंबल पेयजल परियोजना के निर्माण से संबंधित सभी दस्तावेज वह अपने अभिभाषक श्री महेश कुमार मोदी के माध्यम से सूचना के अधिकार में नगर पालिका से मांग रहे हैं तथा इसके साथ ही इन दोनों परियोजना में भारी भ्रष्टाचार की जांच एवं कठोर कार्रवाई के लिए अति शीघ्र उच्च न्यायालय इंदौर में एक जनहित याचिका भी दायर की जा रही है ।
                इसी तारतम्य डॉ तोमर ने एवं सर्वसाधारण की ओर से अपने अभिभाषक श्री महेश कुमार मोदी के माध्यम से मुख्य सचिव मध्य प्रदेश शासन भोपाल,सचिव नगरीय प्रशासन विभाग मध्यप्रदेश शासन भोपाल एवं  नगर पालिका परिषद मंदसौर को सूचना पत्र जारी किया है । सूचना पत्र के माध्यम से शासन से मांग की गई है कि काला भाटा बांध योजना जब बनाई गई थी तो उसमें 30 वर्ष तक के पेयजल संकट के निराकरण की बात की गई थी इसी प्रकार 52 करोड़ की योजना चंबल पेयजल योजना में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया यह दोनों ही मामले बेहद गंभीर हैं इनमें जो भी दोषी अधिकारी कर्मचारी हैं जिन्होंने आम जनता की गाढ़ी कमाई को दुरुपयोग किया है इनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई अबिलंब की जाए एवं उनकी अनियमितता एवं आपराधिक कृत्य से जो हानि हुई है इसकी भरपाई ठेकेदार सहित जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों से कराई जाए ।
डॉ तोमर एवं उनके अभिभाषक श्री महेश मोदी ने मंदसौर नगर के नागरिकों से अपील की है कि अगर इस परियोजना से संबंधित कोई भी दस्तावेज उनके पास हों या जानकारी हो तो अविलंब उपलब्ध कराएं एवं नगर के नागरिकों का सहयोग अपेक्षित है ।
                    डॉ तोमर व श्री मोदी ने बताया कि इस सूचना पत्र की एक प्रति लोकायुक्त भोपाल एवं आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो भोपाल को भेजकर मांग की गई है कि इन दोनों मामलों की जांच कर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ जांच कर आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया जाए ।