कालेसोने की धरती पर एक बड़े महकमे के बड़े अधिकारी का बड़ी रिश्वत के साथ पकड़े जाने के बाद कालेधन पर होगा कोई प्रभाव

5:02 pm or November 28, 2022
 ( महावीर अग्रवाल )
मन्दसौर  28 नवंबर ;अभी तक;  मन्दसौर में रिश्वत खोरी पकड़ने के लिए पहली बार सीबीआई अधिकारियों के दल ने आयकर में एक बड़े ओहदे पर बैठे अधिकारी को पकड़ने के लिए मंगलवार को दस्तक दी और सीबीआई इसमें सफल हुई। जिसने भी आयकर अधिकारी के रिश्वत लेते पकड़े जाने का सुना तो वह चोंक गया तो कुछ रिश्वतखोरी के पकड़े जाने पर खुश भी हुए। यह रिश्वतखोरी मन्दसौर के उस उद्योगपति की शिकायत पर पकड़ी गई जो महाराष्ट्र में बिजली उपकरण बनाने का उधोग चलता है। कालेसोने कि धरती पर सीबीआई के द्वारा कालाधन तो नही लेकिन आयकर अधिकारी द्वारा रिश्वत की बड़ी राशि लेते हुए पकड़े जाने के बाद पूरे देश मे भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी पकड़ने वाली एजेंसियों की आंखें तो खुल गई होगी। हा अभी तक यह बात भी सही है कि तस्करी के अपार कालेधन कि जमीनों की खरीदी में खपत हुई होगी तो उसे भी तो भारत सरकार की कोई एजेंसी पकड़ने में सफल नही हुई। हा चर्चा में एक सीबीआई अधिकारी ने अफीम खेती से सम्बंधित दो नम्बर का धंधा करने वाले का नाम मुझे बताकर मुझे जरूर चौका दिया।
                                        जब घटना की खबर लेने में आयकर कार्यालय गया और अधिकारियों तक मेने अपना परिचय भेजा तो अधिकारी जी तुरंत कमरे से बाहर आए और कुछ ही समय मे मुझे  घटना की जानकारी उपलब्ध करवा दी। में जैसे ही बाहर आया तो एक सीबीआई अधिकारी से मुलाकात हुई । उन्होंने कालेसोने की इस धरती की मुझसे चर्चा की और अफीम की खेती से सम्बंधित धंधे को लेकर जैसे ही बात हुई तो उन्होंने मुझे दो नम्बर का व्यवसाय कर रहे उस व्यपारी का नाम बताया तो में चोंक गया। यानी बाहर देश के बड़े पदों पर बैठे ऐसे महत्वपूर्ण विभाग के अधिकारियों को भी रिश्वतखोर, भ्रष्टाचार, दो नम्बर के धंधेबाजों के नाम पते ठिकाने भी अच्छी तरह मालूम है । खेर अधिकारी ने मुझसे जो चर्चा की और शिघ्र हम अपने अपने काम मे लग गए।
                               मन्दसौर में लगभग इन तीन दशकों में जमीनों पर जो आग बरसी वह तो ठीक है लेकिन कालेसोने की इस धरती पर क्या तस्करी के कालेधन की बरसात हो गई जिससे करोड़ो में खरीदी और दर्शाने को कुछ लाख रु यदि यह हुआ तो भारत सरकार की ये सरकारी एजेंसियां ही जाने। यदि जमीनें कुछ लाख में भी जिन्होंने खरीदी वे यह राशि कोनसे धंधे से कमा कर लाए यह क्यो नही देखा गया। फिर ये जमीन कब से और कैसे सोना उगलने लगी।जबकि किसान तो ज्यादा तरक्की अभी तक नही कर पाए। आखिर कालाधन जो है तो इसने दस्तावेजो के पंजीयन में भी सरकार को कितना नुकसान पहुचाया होगा यह सरकार की जांच एजेंसी ही जाने। सरकार की जमीनों को लेकर भरपूर लाभ यदि किसी को मिला है तो वह है कालाधन। यदि इसमें थोड़ी सी भी बढ़ोतरी होती है तो यह मध्यम वर्गीय और गरीब के लिए मकान का सपना फिर कब कैसे पूरा होगा यह सरकार को ही बताना होगा। अधिकारी समय पर ईमानदारी से कदम उठाते तो रिश्वतखोरी में भी भय रहता लेकिन अभी तक इसकी तो अपेक्षा ही है भले ही सरकार कितना भी भ्रष्टाचार मुक्त शासन की दुहाई दे लेकिन यह वास्तव में यह जमीन पर उतरे तब न।
व्यापारी मंदसौर का, उद्योग महाराष्ट्र में चल रहा और मूंछ और आयकर कार्यालय में कर का निर्धारण होना क्या दर्शाता है आयकर विभाग ऐसा स्वीकार ही क्यों करता है क्या आयकर के कार्यालय महाराष्ट्र में नहीं है ऐसा ही मंदसौर के कुछ आयकर दाताओं का चर्चा में पता चला था कि वह अपने आयकर का कर निर्धारण बाहर आयकर विभाग में जाकर करवाते हैं इसमें सच्चाई कितनी है यह तो भारत सरकार की सीबीआई द्वारा जांच से ही पता चल सकेगा भारत सरकार के यह सुनकर कान खड़े क्यों नहीं हुए ऐसा अभी चल रहा है तो भारत सरकार के वित्त विभाग को चाहिए कि वह तत्काल सख्त कदम उठाएं यदि वह सही काम चाहते हैं और कालेधन को पकड़ना चाहते हैं तो ।
                                           देश के सर्वाधिक अफीम उत्पादन करने वाले मंदसौर जिले में प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए के मादक पदार्थ डोडा चूरा अफीम , स्मेक आदि  पकड़े जाते रहे हैं तो क्या इनके पकड़े जाने पर यह मान लिया जाए कि तस्करी हो ही नहीं पाती है या फिर यह स्वीकार किया जाए कि करोड़ों अरबों रुपए का तस्करी के द्वारा काला धन मंदसौर जिले में बाहर से आ रहा है और यह चर्चा में यह भी पता चलता है कि तस्करी की आए कि यह अकूत धन जमीनों की खरीद-फरोख्त में लगा है।
                                        सीबीआई ने आयकर के बड़े अधिकारी को बड़ी रिश्वत लेते पकड़ने के बाद क्या इस जिले के कालेधन में तनिक भी डर भय हुआ होगा क्या क्या मैं तो यहां तक सुना जाता है कि कुछ लोग तो हजारों करोड़ों रुपए की जमीनों के मालिक हैं पर यह जमी ने कब और किस धंधे की आय से खरीदी गई और बाद में यह जमीन ए सोना कब से उगलने लगी कौन देखेगा मंदसौर में आयकर विभाग के एक बड़े अधिकारी को बड़ी रिश्वत के मामले में सीबीआई ने पकड़ा तो क्या आयकर विभाग आप काले धन के खिलाफ इस जिले में मुहिम चला देगा भविष्य में ही पता चल सकेगा और नहीं तो ढाक के वही तीन पात वाली कहावत तो तैयार है ही।
                                       मंदसौर संसदीय क्षेत्र में कुछ समय के अंतराल पर केंद्र सरकार के 2 बड़े विभागों के 2 बड़े अधिकारी से बड़ी रकम बरामद हो चुकी है एक रिश्वत में पकड़े गए तो एक बड़ी राशि के साथ कार में जाते हुए कोटा में पकड़े गए भारत के केंद्र सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन की बात कर रही है और दूसरी और उसके दो अधिकारी बड़ी राशि के साथ पकड़े गए नीमच की अल्कलाइज फैक्ट्री के महाप्रबंधक से कार में मिली बड़ी राशि को लेकर तो विधायक ने सीबीआई जांच की मांग की थी लेकिन भारत सरकार है अभी तक उसकी जांच रिपोर्ट का कोई अता पता नहीं है।