किराये पर आवंटित दुकानें पक्का निर्माण कर बहुमंजिली बना ली गई

2:03 pm or September 17, 2021
किराये पर आवंटित दुकानें पक्का निर्माण कर बना ली गई

आनंद ताम्रकार

बालाघाट १७ सितम्बर ;अभी तक; बालाघाट जिले के वारासिवनी नगर में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष स्व. श्री कस्तुर चंद जी वर्मा की कार्यकाल में ब्रांच प्राथमिक शाला से लेकर वर्तमान में अंबेडकर चौक तक परिषद द्वारा पक्की दुकानें बनाकर व्यापार करने के लिये किराये पर आवंटित की गई हैं ।  सब्जी मंडी में दोनों ओर दुकानें बनाई गई हैं , जिन्हे आज भी उनके मूल स्वरूप में देखा जा सकता हैं।

किराये पर आबंटित की गई दुकानों को किरायेदारो और नगर पालिका के बाबुओं की सांठगांठ से बेच दी गई और पूर्व निर्मित दुकानों को तोडकर उस पर दो मंजिलो की दुकानें पक्का निर्माण कर बना ली गई किरायेदारो में दुकानों का मलमा रफा दफा कर दिया। किरायेदार उन दुकानों के मालिक बन बैठे और बिना नगर पालिका से अनुमति प्राप्त किये बिना ही मलबा बिक्री के नाम पर कूट रचित दस्तावेज बनाकर उन्हे बेच दिया गया । नगर पालिका के बाबुओं और अधिकारियों नें मिलकर बेची गई दुकानों का नामांतरण भी कर लिया । यह उल्लेखनीय है कि नगर पालिका अधिनियम में आर.सी.सी. स्लेब और कॉलम बनाकर पक्की दुकान बनाने का कोई प्रावधान नहीं हैं।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा सूचना के अधिकार के तहत जानकारी में अवगत कराया गया हैं कि पक्का निर्माण नहीं किया जा सकता । कानूनी प्रावधानों को ताक में रखते हुए इन दिनों नगर पालिका क्षेत्र में एक वर्ष की अस्थाई लीज धारी और किराये पर दी गई नगर पालिका प्रशासन के स्वामित्व की दुकानों को तोडकर मरम्मत किये जाने की अनुमति देकर बहुमंजिली पक्की दुकानें बनाने का सिलसिला जोरो से चल रहा हैं । दुकान निर्माण करने के एवज में नगर पालिका के बाबु और अधिकारी लीज धारियों से लम्बी रकम वसूल रहे हैं।
अैसे ही अवैध निर्माण किये जाने संबंधी मामले की शिकायत अनुविभगीय अधिकारी वारासिवनी को 17 अगस्त 2020 को की गई थी जिसकी जांच आज तक नहीं की गई।

परिषद द्वारा निर्मित की गई दुकानों के किरायेदारों द्वारा पूर्व निर्मित दुकानों को बिना अनुमति तोडने और मरम्मत की अनुमति दिये जाने की आड में बहुमंजिली पक्की दुकाने बनाने के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी एवं प्रशासक नगर पालिका प्रशासन को इस संबंध में अवगत कराये जाने पर उन्होंने स्वीकार किया की परिषद द्वारा निर्मित की गई दुकानों को मरम्मत करने की अनुमति दिये जाने का कोई प्रावधान नहीं हैं। पक्की दुकान बनाये जाने के संबंध में वे जानकारी प्राप्त कर नियमानुसार कार्यवाही करे ।