किसान भाई रबी फसलों की बोनी हेतु डीएपी व पोटाश उर्वरको का उपयोग करें

सौरभ तिवारी

होशंगाबाद २९ अक्टूबर ;अभी तक;  उप संचालक कृषि एवं कृषि वैज्ञानिकों ने किसान भाईयो से कहा है कि वे रबी फसलों की बोनी हेतु डीएपी व पोटाश उर्वरकों का ही उपयोग करें तथा उर्वरकों का उपयोग संतुलित मात्रा में ही करें। कृषि विज्ञान केन्द्र बनखेड़ी के वैज्ञानिकों द्वारा रबी फसलों की बोनी के लिए फास्फोरस युक्त उर्वरकों के उपयोग की किसान भाईयों को सलाह दी है। किसान भाईयों से कहा गया है कि वे सभी फसलों की बोनी के लिए बेसल डोज के रूप में डीएपीकाम्प्लेक्स व पोटाश उर्वरकों का प्रयोग करें। बेसल डोल (बोनी के साथ) के लिए फास्फेटिक एवं पोटाशिक (डीएपी/काम्प्लेक्स) उर्वरकों का प्रयोग करें। इससे भूमि को संतुलित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध होते हैं।

       उप संचालक कृषि ने बताया है कि जिले के समस्त डबल जॉक केन्द्रसहकारी समितियोंएमपीएग्रो की गोदाम व सभी निजी विक्रताओं के पास उक्त उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। जिले में वर्तमान स्थिति में लगभग 20 हजार मे.टन डीएपी8600 मे.टन यूरिया1 हजार टन काम्प्लेक्स उर्वरक2200 मे.टन पोटाश उपलब्ध है।

       किसान भाईयो से कहा गया है कि वे रबी की फसल में लगने वाले समस्त उर्वरक बगैर बिल के विक्रेता से न लेवें तथा कटी-फटी उर्वरक की बोरियां भी न लेंवे। यूरिया 266.50 प्रति बेग 45 किलोग्राम व डीएपी 1150 रूपएपोटाश 843.50 रूपएएसएसपी 306.86 रूपएदानेदार एसएसपी 338.25 रूपएएनपीके 12अनुपात 32 अनुपात 16 1125 रूपएएनपीके 10 अनुपात 26 अनुपात 26 1115 रूपए व अमोनियम सल्फेट 656 रूपए प्रति बोरी 50 किलोग्राम की दर से उपलब्ण्ध है। किसान भाई उपरोक्त निर्धारित दर से अधिक राशि मांगने वाले विक्रेताओं की या इस संबंध में अन्य समस्या आने पर स्थानीय कृषि अधिकारियों से संपर्क कर उन्हें जानकारी दें। उप संचालक कृषि ने किसान भाईयों को बताया है कि जिले में सभी प्रकार के उर्वरकों की उपलब्धा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

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