किसान रामचंद्र नंदन फलोद्यान से पहली ही उपज में बने लखपति

8:19 pm or January 15, 2023
महावीर अग्रवाल
मंदसौर 15 जनवरी ;अभी तक;  जनपद पंचायत मंदसौर के बर्डियाखेडी गांव के निवासी श्री रामचन्द्र पुरा (09009868551) का कहना है की, नंदन फलोद्यान अंतर्गत योजना से बगीचा लगाकर आज मेरी जिंदगी बदल गई। नंदन फलोद्यान से मेरी आर्थिक स्थिति ही नही सामाजिक जीवन में भी बदलाव आया है। किसान रामचंद्र पिछड़ा वर्ग से है तथा व्यवसाय के रूप में खेती करते हैं। इनके दो बच्चे भी हैं, जो इनके साथ खेती में सहयोग प्रदान करते हैं। इनकी आर्थिक स्थिति का मुख्य स्त्रोत सिर्फ खेती ही है।
                                     किसान रामचंद्र कहते हैं कि इस योजना के बारे में मुझे ग्राम सभा की बैठक में जानकारी मिली। इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी लेने के लिए में स्वयं फिर ग्राम पंचायत गया एवं वहां पर विस्तार से जाना। ग्राम पंचायत द्वारा जानकारी दी गई कि, ग्राम के ऐसे कृषक जिनके पास 10 बीघा तक जमीन हो, सिचाई के पर्याप्त साधन हो, वह शासन की मनेरगा से फलोद्यान योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है। न्यूनतम एक एकड़ भूमि पर भी कृषक इस योजना का लाभ ले सकते हैं। बशर्ते सिचाई के स्वयं के पर्याप्त साधन हो। कृषक रामचन्द्र ने ठान लिया है कि वह भी नंदन फलोद्यान के तहत अमरूद का बगीचा लगाएंगे। घर में विचार विमर्श करने बाद परिवार के सभी सदस्यों ने सुनिश्चित किया की वह भी अपने खेत पर अमरूद का बगीचा लगाएंगे। कृषक रामचन्द्र ने एक बार पुनः ग्राम पंचायत में सम्पर्क किया और 4 बीघा जमीन के कागज, जमीन, सिचाई के साधन एवं अन्य जानकारी पंचायत को दी। इसके पश्चात मुझे फलोद्यान लगाने के लिए मनरेगा के माध्यम से राशि प्राप्त हो गई।
                                  रामचन्द्र के पास कुल 4 बीघा जमीन है एवं सिचाई हेतु एक कुआं भी मौजूद है। रबी एंव खरीफ की फसलों की बुवाई करते है, लेकिन सीमित जमीन होने के कारण आय अप्रर्याप्त होती थी। वर्ष 2020-21 में 250 पौधे की स्वीकृति प्राप्त कर बर्फखान किस्म के उच्च गुणवत्ता वाले पौधे लगाये खुब मन लगाकर किसान ने मेहनत की तो तीसरे वर्ष में प्रथम बार उपज को बैचने का काम प्रारंभ किया। माह नवम्बर के अंत तक हजारों रुपए के फल खैरची तौर पर गांव में ही बेच दिए। रामचन्द्र द्वारा बताया गया की अभी लगभग 45 दिन और उपज प्राप्त होगी जिससे लगभग 70 हजार की आय और होगी। आगामी 10 वर्षों में 10 से 12 लाख रु. तक आय फलोद्यान से होगी। अन्य फसलो की उपज से प्राप्त आय पृथक से होगी।
                                   प्राप्त आय एंव अनुमानित आय से कृषक उत्साहित है एवं आगामी दिनों में फलोद्यान की प्राप्त आय से भैंस पालन कर आजीविका को और सुदंढ बनाने का संकल्प बनाया है। अभी तक प्राप्त आय को बैंक खातें में जमा किया गया है। परिवार का गांव मे सामाजिक स्तर उचा हुआ है एवं आर्थिक सम्पन्नता आई है। कृषक का परिवार शासन द्वारा प्राप्त योजना के लाभ से खुश है और शासन के प्रति कृतज्ञ है।