किसी के अच्छे कार्य की प्रशंसा कर उसे आगे बढ़ाना पुण्य का काम- राष्ट्रसंत श्री कमलमुनि जी

10:11 pm or November 11, 2022

महावीर अग्रवाल

मंदसौर ११ नवंबर ;अभी तक;  किसी के अच्छे कार्य की प्रशंसा कर उसे आगे बढ़ाना पुण्य का काम है। लेकिन किसी को हतोत्साहित कर उसकी प्रतिभा को कुचलना महापाप है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने गो रत्न अवॉर्ड और अहिंसा अवार्ड अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। संत श्री ने कहा कि छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने के लिए इस प्रकार के आयोजन वरदान स्वरुप है।
मुनि कमलेश ने कहा कि निरंतर प्रयास करने वालों की कभी हार नहीं होती है। असफलता ही सफलता का मूल मंत्र है। इसको कभी नहीं भूलना चाहिए।
मुनि कमलेश ने बताया कि प्रतिभाओं का सम्मान हमारा नैतिक उत्तरदायित्व है, जो समाज की अनमोल धरोहर है। उनको देखकर सैकड़ों लोगों को प्रेरणा मिलती है।
राष्ट्रसंत ने बताया कि मंच के अभाव में प्रतियोगी को अपना प्रदर्शन करने का अवसर नहीं मिलता है। प्रतिभाओं के निर्माण मैं मंच ऑक्सीजन का काम करता है।
जैन संत ने कहा कि हर व्यक्ति में ऊर्जा का असीम भंडार है। उसे सही दिशा और दशा मिल जाए तो वो विश्व में कीर्तिमान स्थापित कर सकता है।
जिन्होंने अपने बलबूते पर काम करके आदर्श प्रस्तुत किया उनको अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली द्वारा सम्मानित किया।
राष्ट्रीय स्तर पर अनिल संचेती को मरणोपरांत भगवती लाल टाकराजसमंद, राजेंद्र यादव किशनगढ़, लोकप्रिय विधायक मंदसौर यशपाल सिसोदिया, जिला कलेक्टर गौतम सिंह,  जिला पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया को राष्ट्रीय गो रत्न अवॉर्ड एवं राधेश्याम शर्मा राजसमंद पूर्व तहसीलदार, विशाल मेहता जिलाध्यक्ष दिवाकर मंच जोधपुर, मरणोपरांत बाल मनोहर मनन नीमच, शैलेंद्र गिया मुंबई को राष्ट्रीय अहिंसा रत्नअवार्ड प्रदान किया।
इस अवसर पर जैन दिवाकर विचार मंच के विजय खटोड़, आशीष चोर्डिया,दिलीप दक, प्रकाश रातडिया, पंकज मुर्डिया, अशोक मारू, शशि मारू, अजीत खटोड़, अनिता कोठारी, नेहा जैन, महावीर जैन, राजेश जैन भी उपस्थित थे।