किसी भी तरह का माफिया ,क्रिमनल हो और अगर मेरे तक सूचना आ गई तो वह छूटेगा नही यह मेरी गारण्टी है ;नवागत पुलिस अधीक्षक

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर ८ सितम्बर ;अभी तक;  मीडिया, शोष्यल मीडिया के कारण पूरा हिंदुस्तान ही नही पूरी दुनिया एक हो गई है। मेरा धेय्य यही है कि आम आदमी से पुलिस विनम्रता से बात करे। मेरा यह 5 वा जिला है। मालवा की तरफ मेरी पहली पोस्टिंग है। मेरा तो पता नही कितने दिन रहूंगा । में बहुत ज्यादा दिनों के उसमें रहता नही हूं। किसी भी तरह का माफिया हो,क्रिमनल हो बस मेरे तक सूचना आ गई तो छूटेगा नही ,यह मेरी गारंटी है।
             उक्त विचार नवागत पुलिस अधीक्षक श्री सुनील कुमार पांडे ने कंट्रोल रूम पर अपनी पत्रकारों से पहली अनोपचारिक चर्चा के दोराना व्यक्त किये। मैं इस जिले की बहुत सी चीजों से परिचित नहीं हूं मैं कोशिश कर रहा हूं कि  जितनी जल्दी हो मैं सारी चीजें समझ लू ।आज बात करने का उद्देश्य भी यही है। किसी का भी फोन आने पर मैं भरसक कोशिश करता हूं कि फोन उठा लू। नहीं उठा पाता हूं तो मैं कॉल बैक करता हूं। जिसका फोन मैंने अपने फोन में फिड कर लिया है तो हो सकता है मैं उसका फोन ना उठा पाऊं लेकिन उसको में कॉल बैक जरूर करता हूं।
             पुलिस अधीक्षक श्री पांडे ने कहां की मैं अपना पर्सनल मोबाइल नंबर भी दे रहा हूं। यदि कोई मुझे जानकारी दे रहा है तो उसके बारे में भी कोई नहीं जानेगा। इसकी आपने गारंटी दी है। जो मुझे पर्सनल नंबर पर फोन करेगा इसका मतलब है कि उस व्यक्ति को पुलिस की जरूरत है। आम आदमी जो क्रिमिनल नहीं है उससे विनम्रता  वाला व्यवहार होना चाहिए जो क्रिमिनल है उसके साथ उतना ही सख्त होना चाहिए ।आम आदमी कोई भी हो वह परेशान नहीं होना चाहिए। मैं बोल भी रहा हूं और कोशिश भी करूंगा कि इस पर मैं खरा  रहूं ।जो क्रिमिनल नहीं है वह मेरे लिए आदरणीय है ।मैं पुलिस वालों को बोलता हूं कि कोई किसी से मिला हुआ नहीं होता है। स्वार्थ है जो वह गठजोड़ बनाता है। यह स्वार्थ है उसे मुझे तोड़ना है। उसे मुझे फेंकना है आपके सहयोग से यहां टूटेगा ।सूचना वही है जो काम की है। गलत जो भी होगा उस पर कार्रवाई करूंगा ।कोई भी ऐसी बात या सूचना आपके पास है तो निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। हम थोड़ा सकारात्मक सोचना और बोलना शुरू करें। निश्चित रूप से हम ज्यादा से ज्यादा चर्चा करें ।मैं भी सोसाइटी का हूं। हर जगह पुलिस वाला थोड़ी हूं । यह बात पुलिस वालों से भी बोल रहा हूं । आपने कहा कि मेरा ट्रांसफर नहीं हुआ है । मुझे भेजा गया है । स्वास्थ्य गठजोड़ बना हुआ है।  उसे मुझे तोड़ना है।  सूचना मिलेगी तो मैं एक्शन करूंगा । पुलिस बल की कमी कहीं नहीं होती है।  मैं भरसक कोशिश करूंगा कि सूचना मेरे तक आ गई तो कोई छूटेगा नहीं।
             पत्रकारों अनोपचारिक चर्चा के समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ अमित वर्मा और महेंद्र तारणेकर भी उपस्थित थे।