कुकरू खामला क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश, दर्जन भर मकानों में भरा पानी

मयंक भार्गव

बैतूल ७ जून ;अभी तक;  जिले में प्री मानसून की बारिश का दौर जारी है। रविवार देर शाम को भैंसदेही तहसील के कुकरू खामला क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश ने जमकर तबाही मचाई। भैंसदेही से कुकरू खामला तक सड़क बना रही उदित खामला प्राइवेट लिमिटेड एवं एमपीआरडीसी के अधिकारियों की लापरवाही के चलते सड़क किनारे नाली निर्माण नहीं होने से बारिश का पानी खामला ग्राम के दर्जन भर मकानों में भर गया। जिससे रहवासियों को लाखों रूपए का नुकसान होने की आशंका है। जिससे ग्रामीणों में खासा आक्रोश व्याप्त है।

नाली निर्माण नहीं होने से घरों में भरा पानी

रविवार सायं पांच से साढ़े छ: बजे के दौरान कुकरू खामला क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई। भैंसदेही से कुकरू सड़क निर्माण कर रही उदित खामला प्राइवेट लिमिटेड द्वारा खामला ग्राम में सीसी रोड के दोनों ओर नाली निर्माण नहीं करने एवं जल निकासी के लिए आवश्यकतानुसार पुलिया नहीं बनाने के कारण बारिश का पानी सड़क किनारे बनें दर्जन भर मकानों में घुस गया।

अनाज सामान भींगा, मुर्गियों की मौत

अचानक हुई तेज बारिश से चारों ओर पानी ही पानी नजर आने लगा। भैंसदेही कुकरू मार्ग पर जल निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं होने से बारिश का पानी घरों में घुस गया। घरों में लगभग आधा फीट तक पानी भर जाने से अनाज एवं घरेलू सामान गीला हो गया। स्व. तूलाराम की पत्नी सेवन आठोले ने बताया कि घर में पानी भर जाने से अनाज और धनराशि गीली हो गई। जिससे लगभग देढ़ लाख रूपए के नुकसान का अनुमान है। अशोक खटीक ने बताया कि उसके घर में लगभग 6 इंच पानी भर जाने से 50 हजार रूपए की मुर्गियों की मौत हो गई। जिससे पूरा परिवार सदमें में है। इसके अलावा गुलाब जावरकर, गनू फूल जी जावरकर सहित अन्य ग्रामीणों को भी घरों में बारिश का पानी भरने से नुकसान हुआ है।

ग्रामीणों में आक्रोश

प्री मानसून की मूसलाधार बारिश से खामला ग्राम के अनेक घरों में पानी भर जाने एवं गांव की गलियां जलमग्न हो जाने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई थी। घरों में पानी भरने की जानकारी मिलते ही गांव के युवाओं ने मौके पर पहुंचकर घरों में भरा पानी निकालने का प्रयास किया। परंतु ग्राम पंचायत के प्रधान, पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक ग्रामीणों की सुध लेने नहीं पहुंचे। जिससे ग्रामीणों में उदित खामला प्राइवेट लिमिटेड प्रबंधन एमपीआरडीसी के अधिकारियों के साथ ही प्रधान, सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक को लेकर आक्रोश व्याप्त है।