केन्द्र सरकार ने 10 जिलों में जानवरों तथा मुर्गीयों को खिलाने वाला चांवल मिलने पर नाराजगी दिखाई

आनंद ताम्रकार
 बालाघाट १२ सितम्बर ;अभी तक;  केन्द्र सरकार ने बालाघाट,मण्डला एवं जबलपुर समेत प्रदेष के 10 जिलों में जानवरों तथा मुर्गीयों को खिलाने वाला चांवल मिलने पर नाराजगी दिखाई है।
             सूत्रों के मुताबिक केन्द्र सरकार राज्य को दी जाने वाली 200 करोड रूपये की राषि जारी करने पर रोक लगा सकती है। इसका सीधा असर सरकार के राजकोष पर पडेगा। इस प्रकार प्रदेष मंें उजागर हुये घटिया चंावल के मामले में षिवराज सरकार पर झटका लग सकता है। प्रदेष के अफसरों की लापरवाही से प्रदेष की सरकार को यह नुकसान उठाना पड सकता है।
              उल्लेखनीय है की केन्द्रीय सरकार के उपभोक्ता के मामले खादय एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में पदस्थ उपायुक्त श्रीविष्वजीत हालदार ने चांवल के 32 नमूनों की जांच में पाये गये चांवल की रिपोर्ट खादय मंत्रायल को सौंपी है इस मामले में राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है।
                पूरे मामले की जांच होने के बाद संलिप्त दोषियों पर कार्यवाही होने तक केन्द्र सरकार पैसा रोक सकती है।
                    यह उल्लेखनीय है की केन्द्र सरकार ने कोरोना काल में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्य योजना के तहत सभी राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से गरीबों को फ्री में वितरण करने के लिये राषन उपलब्ध कराया था।इस योजना के तहत मध्य प्रदेष के सभी जिलों में फ्री राषन वितरण किया गया बालाघाट और मण्डला में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के हितग्राहियों ने चांवल की गुणवत्ता को लेकर षिकायत की थी जिसके आधार पर भारत सरकार के खादय एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय के जांच दल ने इन दोनों जिलों में गरीब को वितरित किये जाने वाले चांवल की गुणवत्ता की जांच की तो वह मुर्गे मुर्गीयों को चारे के रूप में दिये जाने योग्य पाया गया है। चांवल की गुणवत्ता परखने के लिये 1021 नमूने लिये गये थे जिसमें 57 नमूने अमानक स्तर के पाये जाने पर षिवराज सरकार ने ईओडब्यू से जांच कराने के आदेष दिये।
                 बालाघाट और मण्डला में चांवल घोटाले की जांच में ईओडब्ल्यू की जांच दल ने 22 राईस मिलर्स और 9 अफसरों के खिलाफ मामला दर्ज किये जाने की खबर लगी है। अनेक टीमें 52 जिलों के वेयर हाउस और निजी गोदामों की जांच में जुटी है ईओडब्ल्यू की टीम ने बालाघाट में 18, मण्डला में 4 मिलर्स एंव खादय आपूर्ति निगम के अफसरों पर ईओडब्ल्यू की गाज गिर सकती है।
                   बालाघाट और मण्डला के वेयर हाउस में रखा 30 करोड रूपये मूल्य का 10700 टन खराब चांवल सील किया गया है। वहीं वारासिवनी,बालाघाट तथा बैहर के गोदाम जिसमें 18 राईस मिलर्स द्वारा चंावल भण्डारित किया गया था। उन्हें सील कर दिये जाने के बाद बिजली कनेक्षन काट दिया गया था लेकिन खादय विभाग के आदेष के तहत गोदामों की सील खोल दी गई एवं बिजली कनेक्षन चालू कर दिये गये तथा राईस मिलर्स को निर्देषित किया गया है की प्रदाय किये गये चांवल वापस उठाकर मानक स्तर को चांवल जमा कराये।
                प्रदेष सरकार द्वारा जांच कर रही टीम ने बालाघाट मण्डला जबलपुर के वेयर हाउस तथा निजी गोदामों से सेंपल लिये थे जिसमें टीम ने पाया की प्रदाय किया गया चांवल यूपी और बिहार को हो सकता है।
                मुख्यमंत्री श्री षिवराज सिंह चैहान द्वारा अनाज माफियाओं के खिलाफ कडी कार्यवाही करने दिये गये निर्देष के तारतम्य में इंदौर जिला प्रषासन द्वारा महू में लगभग 50 करोड रूपये के चांवल घोटाले का पर्दाफष किया गया है। कलेक्टर मनीष सिंह ने महू में बताया की इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई और विस्तृत जांच की जा रही है।
इस चांवल घोटाले के तार बालाघाट,मण्डला और नीमच से जुडे पाये गये है। प्रारंभिक जांच में अनाज व्यापारी मनोहरलाल अग्रवाल और उनके सहयोगीयों के नाम आये है। इसके अलावा नागरिक आपूर्ति निगम के एक कर्मचारी की भी संलिप्तता पाई गई है।

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