केरल डिजिटल विश्वविद्यालय अधिनियम हुआ प्रभावी

तिरुवनंतपुरम, आठ नवंबर ; केरल की अर्थव्यवस्था को डिजिटल तकनीक के आधार पर रूपांतरित करने की दिशा में एक अहम कदम बढ़ाते हुए केरल डिजिटल विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2021 प्रभावी हो गया है।

विश्वविद्यालय की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि पिछले महीने केरल विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित विधेयक पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने हस्ताक्षर कर दिए। इस अधिनियम का उद्देश्य केरल में एक गैर संबंद्ध अनुसंधान और शैक्षणिक विश्वविद्यालय की स्थापना करना है ताकि डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अध्ययन और अनुसंधान को बढ़ावा मिल सके।

बयान में बताया गया कि भारतीय सूचना प्रद्यौगिकी और प्रबंधन संस्थान केरल (आईआईटीएम-के) का केरल डिजिटल विश्वविद्यालय में रूपांतरण राज्यपाल के हस्ताक्षर के साथ पूरा हो गया।

आईआईआईटीएम-के को नवीनतम तकनीक क्षेत्र में अनुसंधान और शिक्षा के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में रूपांतरित करने की पहली घोषणा राज्यपाल के अभिभाषण में 22 जनवरी, 2018 को हुई थी। इसकी घोषणा फरवरी, 2018 में बजट भाषण में हुई। केरल डिजिटल विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विश्विद्यालय अध्यादेश जनवरी, 2020 में लाया गया था।

केरल डिजिटल विश्वविद्यालय ने नवीन सुविधाओं और विख्यात शिक्षकों के साथ ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (कृत्रिम मेधा), ‘मशीन लर्निंग’, साइबर सुरक्षा, ‘इंटरनेट ऑफ थिग्स’ जैसे नवीन तकनीक में परास्नातक (मास्टर) कार्यक्रमों में दाखिला शुरू कर दिया। विश्वविद्यालय में एआईसीटीई से मान्यताप्राप्त एमटेक पाठ्यक्रम और यूजीसी से मान्यताप्राप्त एमएससी और पीएचडी पाठ्यक्रम भी हैं।