केशव सत्संग भवन में हो रहा श्रीमद देवी भगवती महापुराण का वाचन

3:05 pm or July 21, 2022

महावीर अग्रवाल

मंदसौर २१ जुलाई ;अभी तक;  नगर के खानपुरा स्थित श्री केशव सत्संग भवन में चातुर्मासिक प्रवचनों के अंतर्गत श्रीमद् देवी भवगती महापुराण का वाचन चल रहा है। बनारस से शिक्षित संत श्री चैतन्यानन्दगिरीजी मसा प्रतिदिन भवगती महापुराण का वाचन कहानियों और वृतांतों के माध्यम से कर रहे है। जिनका श्रवण करने के लिए बडी संख्या में श्रद्धालु केशव सत्संग भवन पहुंच रहे है।

21 जुलाई बुधवार को धर्मसभा में चैतन्यानन्दगिरीजी महाराज साहब ने बताया कि मधुकेवट राक्षसों के साथ भगवान नारायण का युद्ध हुआ लेकिन यह दोनों ही राक्षस मां भगवती से वरदान प्राप्त किये हुए थे। ऐसे में भगवान नारायण इनको पराजित करने में समर्थ थे। भगवान नारायण ने भी जगदम्बिका मां भगवती की आराधना की तब मां भगवती ने भगवान नारायण से कहा कि कुछ समय के लिए झुक जाओ और मधुकेवट राक्षसों से वर मांग लो। तब भगवान नारायण ने मधु केवट से वर मांगा और वे दोनेा प्रसन्न हो गये कि स्वयं भगवान हमसे वर मांग रहे है भगवान ने दोनों राक्षसों से उनका ही वध करने का वर मांग लिया दोनों राक्षस अचंभित रह गये लेकिन वरदान दे चुके थे ऐसे में भगवान नारायण ने मधु केवट नाम के राक्षसों का वध किया। संत श्री ने बताया कि विषम परिस्थितियों में कभी झुकना भी पड़े तो झुक जाना चाहिए यह हमारे लिए लाभप्रद होता है।
धर्मसभा में संत श्री ने बताया कि वेदव्यास जी पुत्र न होने के कारण दुखी और चिंतित रहते थे जब उनहोने मां भगवती की आराधाना की तो उन्हें भगवान शिव के आशीर्वाद से सुखदेव नाम के पुत्र की प्राप्ति हुई। धर्मसभा मे संत श्री चैतन्यानन्दगिरीजी मसा ने पांच महापापो के बारे मे बताते हुए कहा कि शास्त्रों के अनुसार ब्रम्ह हत्या, सोने की चोरी, गुरू पत्नी का गमन, मदीरा पान का सेवन और इन कामों में साथ देने महापाप बताया गया है। संत श्री ने श्रोताओं से जीवन में ऐसे पापों से बचने की सलाह दी। संत श्री ने कहा कि जब हम किसी पर क्रोध करते है तो हमारे सभी पुण्य उसके पास और सामने वाले के सभी पाप हमारे पास आ जाते है इसलिए जब भी गुस्सा, क्रोध आयें तो ईश्वर को याद करना चाहिए क्योंकि यह तो बहुत घाटे का सौदा है अपने पुण्य उसके पास और उसकेे पाप अपने माथे।

चातुर्मास समिति के कारूलाल सोनी, जगदीशचंद्र सेठिया ने बताया कि संत श्री चैतन्यानन्दगिरीजी मसा का दिव्य चातुर्मास केशव सत्संग भवन खानपुरा में चल रहा है। इस हेतु प्रतिदिन प्रातः 8.30 बजे से 10.00 बजे तक प्रवचन हो रहे है। प्रवचनों में संत श्री द्वारा श्रीमद् देवी भवगती महापुराण का वाचन किया जा रहा है। श्री सोनी और श्री सेठिया ने नगर की धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में संतश्री के प्रवचनों का लाभ लेने का निवेदन किया है।

धर्मसभा में पं.शिवनारायण शर्मा, शंकरलाल सोनी, संतोष जोशी, मांगीलाल राठौर, गुलाबचंद्र उदिया, प्रहलाद काबरा आदि उपस्थित थे।