कोदो कुटकी उत्पााद से रोजगार चलाएंगी महिलाएं, महिलाओं ने सीखी व्यापार की बारीकियां

11:10 pm or December 28, 2021

मंंडला संवाददाता

मंडला २८ दिसंबर ;अभी तक;  आजीविका मिशन महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी महिलाओं एवं नाबार्ड की वित्त पोषित सतपुड़ांचल प्रोड्यूसर कंपनी बैतूल के 28 किसानों के दल को तीन दिवसीय प्रशिक्षण सह शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। जिसमें उन्होंने जिले के एक जिला एक उत्पाद कोदो-कुटकी के गतिविधियों, नवीन तकनीक एवं क्षमता वर्धन कार्यक्रम प्रशिक्षण सह-शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम में सहभागिता दी।

नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य है महिला किसानो के द्वारा अपने क्षेत्र में उपजाई जाने वाली कोदो-कुटकी की फसल में नवीन तकनीक एवं इसके प्रसंस्करण मूल्य वर्धन, मार्किट लिंकेज आदि जानकारी को प्राप्त करना और इसे अपने क्षेत्र के किसानो के साथ व्यवसायिक स्तर पर अपनाना। महिला किसानों की सहभागिता में पिछले दस वर्षों से कोदो-कुटकी, गुड़ सुंगन्धित चावल, दाल आदि बहुत से उत्पाद के उत्पादन, पैकेजिंग, मार्किट लिंकेजेस के लिए नियमित कार्यरत हैं। मध्य प्रदेश के बाहर भी इनका विक्रय किया जाता है।

जिले में बैतूल से आए 28 किसानों के दल को स्थानीय बीआरसी भवन में आयोजित मीटिंग में आवश्यक जानकारी दी गई। महिलाओं ने मिथला केवट के गांव में जाकर उन्ही के खेत में मसाला गुड़ निर्माण इकाई में की बारीकियां समझी। उसकी पैकिंग और प्रदेश के बाहर भी विक्रय किये जाने की कहानी उन्ही की जुबानी सुनकर प्रेरणा मिली। उनके द्वारा उत्पादित काला गेहू एवं जैविक सब्जी के भोजन को दिखाया गया। राजीव कालोनी स्थित शहद प्रसंस्करण इकाई का भ्रमण किया। वहां निर्मित महुआ लड्डू, आंवला केंडी, अलसी आदि उत्पाद की जानकारी महिला सदस्यों को दी गई।