कोरोना के कहर से बचने जनमानव में उठी लाॅक डाउन की मांग, प्रषासनीय फेरबदल के बाद भयावय हुई स्थिति

सिद्धार्थ पाण्डेय
   जबलपुर ११ सितम्बर ;अभी तक;  कोरोना का कहर थमने बचने के लिए जनमानस में लाॅक डाउन की मांग उठने लगी है। आक्सीजन की कमी के कारण कथित तौर पर मौत के मामले भी सामने आये है। इसके अलावा मेडिकल काॅलेज अस्पताल में भर्ती एक मरीज ने दूसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। लाॅक डाउन लगाने की मांग करते हुए व्यपारिक संगठनों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा है।
                            गौरतलब है कि प्रदेष में सबसे पहले 20 मार्च को कोरोना से पीडित चार मरीज मिले थे,जो विदेष से वापस लौटे थे। षासकीय रिकाॅर्ड के अनुसार 31 जुलाई की षाम 6 बजे तक कुल कोरोना पीडितों की संख्या 1304 थी। जिसमें से 829 मरीज ठीक हो गये थे और मृतकों की संख्या 29 थी। अगस्त माह के षुरूआत के साथ ही कोरोना संक्रमण का कहर बढने लगा। षासकीय रिकाॅर्ड के अनुसार 10 सितम्बर की षाम तक कोरोना पीडितो की संख्या 5878 तक पहुॅच गयी है। जिसमें से 4458 मरीज ठीक हो गये है तथा मृत्यों की संख्या 106 व्यक्तियों की मौत हो गयी है।
                 नगर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेष यादव ने बताया कि षहर के प्राईवेट हाॅस्पिटलों भी बिना एपरोज के कोरोना पीडित मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे है। अधिकांष प्राईवेट हास्पिटल भाजपा के अनुषांगीक संगठने से जुडे नेताओं के है। मेडिकल काॅलेज अस्पताल में भर्ती एक कांग्रेस पदाधिकारी ने आॅक्सीजन नहीं होने के कारण मौत हो गयी। मृत्यु से पूर्व उनके एक वीडियों बनाकर बनाकर भेजा था। जिसमें अव्यवस्थाओं तथा अपने गिरते स्वास्थ के संबंध में जानकारी दे रहे थे। उन्होने कहा कि प्रदेष सरकार ने सिर्फ अपने मैनेजमेंट के चलते अनुभवी प्रषासनीय अधिकारी का तबादला कर दिया। नये अधिकारी परिस्थितियों को समक्ष नहीं पा रहे है। अस्पताल में आॅक्सीजन,वेंटीलेटर तथा बेड की कमी बनी हुई है।
                        जबलपुर चेम्बर आॅफ काॅर्मस के प्रेम दुबे ने बताया कि जिले में 15 से 22 सितम्बर तक पूर्ण रूप से लाॅक डाउन लगाने की मांग करते हुए व्यापारिक संगठनों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।षासकीय अस्पताल में संसाधनों का आभाव है और प्राईवेट अस्पताल जमकर लूट रहे है। कोरोना चेन तोडने के लिए लाॅक डाउन ही एक विकल्प है। सेनेटाइज का कार्य पूर्ण तरह से ठप है। हमने क्षेत्रीय व्यपारिक संगठन से आग्रह किया है कि उनके क्षेत्र में अधिक संख्या में कोरोना संक्रमित लोग निकल रहे है तो स्वैच्छा से वह उस क्षेत्र के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद कर सकते है।
प्रदेष में सबसे पहले मिलने वाले कोरोना पीडित व्यक्ति का कहना है कि जब पूरे देष में सात सौ से कम मरीज निकले थे तो लाॅक डाउन लगा दिया गया था। अब 90 हजार मरीज निकल रहे है,तो लगभग पूरी तरह से अनलाॅक कर दिया गया है। पूर्ण लाॅक डाउन वर्तमान समय की मांग है। कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना ने प्रदेष सरकार पर जबलपुर के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होने कहा कि प्रदेष में सिर्फ चिरायु अस्पताल को दो करोड रूपये देकर निषुल्क कोरोना मरीजों के उपचार को एग्रीमेंट किया गया है। ऐसा एग्रीमेंट जबलपुर किसी प्राईवेट अस्पताल के साथ नहीं किया गया। दवाईयों के दाम बढा दिये गये है और प्राईवेट अस्पताल मनमानी पर आतुर है। हम लोगों केा बिल एकत्रकर उन्हें मुआवजा दिये जाने की मांग प्रदेष सरकार के समक्ष रखेगे। सेनेटाइज तथा साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह से चैपट हो गयी है। एनएसयूआई के रघु ठाकुर तथा बादल पंजवानी के बाद कि प्रषासनिक लापरवाही तथा कोरोना के बढते संक्रमण के खिलाफ उनका संगठन चरणवृध्द तरीके से आंदोलन करेंगा।

 

 

 

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