कोरोना के साए में बीते दो साल, अब तीसरी लहर का डर 100 फीसदी वैक्सीनेशन से हराना है कोरोना

11:39 am or January 2, 2022

नारायणगंज से प्रहलाद कछवाहा

मंडला २ जनवरी ;अभी तक;   दुनिया के तमाम देशों में कोरोना बीते दो साल से तबाही मचा रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। हालांकि अब कोरोना के मामलों में गिरावट जरूर आई है लेकिन अभी इसका खतरा टला नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन से लेकर हेल्थ एक्सपर्ट इसे लेकर समय-समय पर नई जानकारी साझा कर रहे है। बताया गया कि कोरोना को अभी महामारी की श्रेणी में ही रखा जाएगा क्योंकि वायरस अभी कहीं जाना वाला नहीं है। संगठन के बयान से साफ है कि अभी दुनिया को पाबंदियों के साए में रहने की जरूरत है क्योंकि संक्रमण और इसके नए-नए वेरिएंट खतरा बढ़ा रहे हैं।
वर्ष 2020 और 2021 का साल वर्षों बाद भी कोई नहीं भूल सकेगा। जब भी कोई महामारी की बात चलेगी तब कोरोना वायरस की त्रासदी का नाम जरूर लिया जाएगा। अब इस घटना को करीब दो साल हो गए है और अभी भी दुनिया में इस वायरस का खौफ और संकट टला नहीं है। इस बीच कम संक्रमण वाले क्षेत्र मंडला के लोगों ने काफी कुछ देखा झेला और काफी कुछ सहा भी है।  कोरोना महामारी की शुरुआत जनवरी 2020 के अंत तक देश में हुई। स्थिति यह बनी कि मार्च 2020 से लॉकडाउन करना पड़ा। करीब दस लाख की आबादी वाले जिले में अब तक करीब 36 लोगों की मौत कोरोना से हो गई। कोरोना का डर और खौफ के साये में जीते हुए दो साल बीत गए है। जिसकी मार अभी भी लोग सहन कर रहे है। अब एक नए वेरियंट ओमिक्रॉन का जन्म हो गया है, जिसकी दहशत में लोग है। संक्रमण से बचाव के लिए शासन, प्रशासन लोगों को सावधानी बरतने और मास्क लगाने की हिदायत दे रहा है।

बता दे कि पहले लोगों ने कोरोना का नाम ही सुना था लेकिन जैसे ही लॉकडाउन घोषित किया गया। कोरोना का डर हर व्यक्ति के मन में समा गया। शासन स्तर से मिली गाइडलाइन को लेकर प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य अमला द्वारा मास्क, सोशल डिस्टेंस के साथ सेनीटाइजर का उपयोग करने के लिए जन जागरुकता अभियान चलाया गया। टोटल लॉकडाउन की अवधि पर प्रशासन के साथ स्वास्थ्य अमला ने पूरी ताकत लगा दी।   इस दौरान आज दिनांक तक 3 लाख 18 हजार 885 लोगों के सेंम्पल लिए गए। जिसमें 5199 लोग पॉजीटिव हुए। पॉजीटिव का उपचार किया गया, जिसमें 5163 लोग स्वस्थ्य हुए और 36 लोगों की मृत्यु हो गई। फिलहाल जिले में एक भी कोरोना के केस नहीं है। प्रशासन लगातार लोगों को कोरोना गाईड लाईन का पालन करने की अपील कर रहा है।

टीकाकरण ने रोकी संक्रमण की रफ्तार :

बता दे कि कोरोना संक्रमण का वृहद रूप से सभी रूबरू हो चुके थे, किसी ना किसी रूप में हर शख्स किसी अपने को खोया था, शासन और स्वास्थ्य अमला इस बीमारी से निजाद पाने की जदोजहद कर रहा था, इसी बीच राहत भरी खबर मिली कि इस संक्रमण का वैक्सीन बन गया है, जिसे लोगों को लगाना शुरू किया गया। जिले में वैक्सीनेशन करीब 50 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। जिससे संक्रमण का खतरा कम हुआ है। इसके बाद भी लोगों को सावधानी बरतना ही है। जिससे नए वैरिएंट से संक्रमित ना हो सके।

इनका कहना है

विगत दो वर्षों से कोरोना वायरस ने पूरे विश्व में अपना कहर मचा रखा है। वैक्सीन के दो डोज लगवाने के बाद लगा जैसे कि अब कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगाने वाला है। पर कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए केसों ने तीसरी लहर का खतरा पैदा कर दिया है। अत: एक बार फिर पूरी एहतियात बरतने की जरूरत है।
अमरसिंह चंदेला, शिक्षक, ग्राम गोकुलथाना

दो वर्षों कोरोना संक्रमण के भय के साए में बीत गए, लेकिन अभी भी कोरोना से खतरा बरकरार है। एक बार फिर कोरोना वायरस का नया वर्जन ओमीक्रोन पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा है। और जिस तेजी से हमारे देश में इसके केस बढ़ रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि तीसरी लहर को आने से कोई नहीं रोक सकता।
दिलीप मरावी, जिलाध्यक्ष, ट्रायबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन

कोरोना की दो लहरों के कहर को हम देख चुके हैं। दूसरी लहर ने तो मौत का जो तांडव दिखाया, उसे भुलाया नहीं जा सकता। अब देर सबेर तीसरी लहर आना तय है और आगे भी हमें कोरोना के नये नये वैरियंट का सामना करने को तैयार रहना चाहिए। यदि इससे बचना है तो वैक्सीन के साथ साथ हमें कुछ वर्षों तक अन्य सावधानियों को अपनाएं रखना जरूरी है।
संजीव सोनी, नैनपुर

कोरोना महामारी की दहशत के साये में हमारे दो वर्ष गुजर गए। कोरोना के खिलाफ़ संघर्ष में जीवन के अमूल्य क्षणों को पीढिय़ों के लिए यादगार बना दिया, इसमें हमने कई अपनों को खोया है। अब ओमीक्रोन हमारे देश मे पैर पसार रहा है, जिसे हम सब को मिलकर परास्त करना होगा। हम स्वयं एवम 15-18 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण कराना न भूलें।
उमाशंकर तिवारी, शिक्षक, मक्के