कोरोना कॉल मै अंतिम संस्कार के बाद परिजनअस्थिया लेने श्मशान घाट नहीं आ रहे

भिंड से डॉक्टर रवि शर्मा

भिंड ४ मई ;अभी तक; कोरोना संक्रमण का डर इस तरह लोगों के अंदर भर भर गया है कि वे अपने परिजन की कोराना काल में हुई मृत्यु के बाद उनकी चिता की राख से अस्थिया लेने तक नहीं पहुंच रहे हैं ; हालात यह है कि शहर के  तीन मुक्तिधाम परिसर मैं जलाई गई लगभग एक सैकड़ा चित वैसे से आधा दर्जन परिजन अंतिम संस्कार के बाद हस्तियां ही लेने आए हैं  .साधारण बीमारी से मृत हुए भी परिजन अस्थिया और राख  लेने श्मशान घाट नहीं आए।

धार्मिक संस्कार के अनुसार चिता जलने के बाद संबंधित मृत व्यक्ति के परिजनों को उसकी अस्थियां एक मिट्टी के कलश में जली हुई अस्थिया  गंगा नदी में विसर्जित करने के लिए ले जाए जाते हैं इसके पीछे भी मान्यता यह है कि मरने वाले को उसकी अस्थियां विसर्जित हो जाने के बाद मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है कोरोना महामारी का डर लोगों में इतना  भर गया है की अपने सगे संबंधियों रिश्तेदारों परिजनों अस्थियां विसर्जन करना तो दूर मृत व्यक्ति की अंतिम यात्रा तक में शामिल नहीं हो रही। गंगा विसर्जन करने के लिए मुक्तिधाम से लाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

स्थिति यह है कि शहर के बीचो बीच धर्मपुरी श्मशान घाट के अलावा तीन श्मशान घाट है मुक्तिधाम परिसर मैं जली हुई चिता आएं राख श्मशान स्थल से से ही हवा के कार Rakh श्मशान स्थल पर ही हवाओं मैं उड़ जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोरोना संक्रमित व्यक्ति को जलने के बादकोरोना उसकी राख से कोरोना संक्रमित वायरस चिता के साथ ही जलकर नष्ट हो जाते हैं परिजन अगर यदि वायरस संक्रमण के डर से अपने निपट परिजनों की चिता की हस्तियां लेने नहीं पहुंच रहे हैं तो यह अज्ञानता के अलावा चिंतनीय भी ह चिकित्सकों की माने तो सर्वाधिक तापमान में कोरोना वायरस नष्ट हो जाता है ऐसे में चिता की राख या हस्तियां के छूने से कोरोना संक्रमण नष्ट हो जाते हैं ऐसे में चिता की राख या हस्तियों को छूने से संक्रमण ट्रेनिंग का कोई पता ही नहीं है जितना कि आप में इतना अधिक तापमान होता है कि कोरोना वायरस नष्ट हो जाता है मुक्तिधाम की रात जगा हस्तियों में किसी प्रकार का संक्रमण होने की संभावना नहीं होती है डॉक्टर अजीत मिश्रा मुक्त चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकार भिंड