कोरोना पर शासकीय अमला रखेगा पैनी नजर, एकजुटता के साथ करेंगे काम

9:18 pm or August 1, 2020

आशुतोष पुरोहित

खरगोन 01 अगस्त ;अभी तक; कोरोना नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने एक विस्तृत कार्यनीति बनाई है। इस नीति पर कार्य कर नागरिकों को संक्रमण से बचाने और उनको समय पर उपचार देना महत्वपूर्ण पहलू माना गया है। कलेक्टर श्री गोपालचंद्र डाड की अध्यक्षता में शनिवार को स्वामी विवेकानंद सभागृह में आयोजित बैठक में जिले की सीमा से लेकर कोरोनटाईन और पड़ोसी व मोहल्लेवासियों की जानकारी देने वाली कार्यनीति पर विचार किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री गौरव बेनल ने बैठक में मौजूद एसडीएम, बीएमओ और स्वास्थ्य अमले को रूपरेखा बताई। पीपीटी के माध्यम से समझाते हुए कहां की इस योजना से हम कोरोना के साथ-साथ चल सकते है, जिसका सबसे बड़ा परिणाम यह होगा कि हम न सिर्फ समय पर संक्रमितों को उपचार देने में कामयाब होंगे, बल्कि संक्रमित होने से बचाने में भी सफल होंगे। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री शैलेंद्रसिंह चौहान, अपर कलेक्टर श्री एमएल कनेल, सभी अनुभागों के एसडीएम, सभी बीएमओ, सीएमएचओ डॉ. रजनी डावर एवं डॉ. चंद्रजीत सांवले उपस्थित रहें।
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बाहर से आने वाले व्यक्ति के पहुंचने से पहले लगेगा पोस्टर
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बैठक में कलेक्टर श्री डाड ने कहा कि जिले की सीमाओं पर 13 चेक पोस्ट प्रारंभ हो गए है। इन 13 पोस्ट से महत्वपूर्ण डेटा अनुभाग स्तर पर कंट्रोल में गूगल शीट के माध्यम से पहुंचेगा। बस यही से हम कोरोना के साथ-साथ चलेंगे। चेक पोस्ट से डेटा दर्ज होते ही अनुभाग के कंट्रोल रूम से क्षेत्र में लगे बूथ लेवल की टीम के पास सूची या जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। बूथ लेवल टीम के सदस्य का काम यह होगा कि वो उस स्थान घर पर पोस्टर चिपका कर आएगा और साथ ही आने वाले व्यक्ति को 14 दिन के लिए होम या संस्थागत कोरेनटाईन करने की कार्यवाही और निगरानी करना सुनिश्चित करेगा। वहीं आरआरटी टीम हर दिन सुबह से कांटेक्ट ट्रेसिंग का कार्य करेगी। शाम तक कांटेक्ट ट्रेसिंग का कार्य पूर्ण होने के पश्चात सार्थक एप्प पर अनिवार्य रूप से अगले दिन तक इंट्री करेगी। वहीं कांटेक्ट ट्रेसिंग से प्राप्त लोगों को होम या संस्थागत कोरेनटाईन करना सुनिश्चित करेगी।
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सभी अनुभागों में सशक्त होगा कंट्रोल रूम
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कलेक्टर श्री डाड ने समस्त एसडीएम को स्पष्ट निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम इस कार्यनीति का सबसे अनिवार्य अंग है। चेक पाईंट से गूगल सीट के माध्यम से अनुभाग स्तर के कंट्रोल रूम पर डेटा प्राप्त होगा। कंट्रोल रूम पर मौजूद व्यक्ति एचक्यू टीम, आरआरटी टीम और बूथ लेवल के दल से लगातार संपर्क में रहेगा। कलेक्टर श्री डाड ने बीएमओ से कहा कि कांटेक्ट ट्रेसिंग एक तकनिकी कार्य है। कांटेक्ट ट्रेसिंग में कम से कम 10 व ज्यादा से ज्यादा 34 सैंपल लिए जा सकते है। सैंपल 5 प्रकार के लिए जाने है। पहला फीवर क्लिनिक, दूसरा फस्ट कांटेक्ट ट्रेसिंग, तीसरा सार्थक लाईट एप्प, चौथा सर्वे व पांचवां अन्य।
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होम कोरेनटाईन पर ऐसे होगी निगरानी
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जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई कार्यनीति में होम कोरेनटाईन किए गए व्यक्ति पर विशेष तौर पर निगरानी के लिए तीन तरीके से वांच किया जाएगा। होम कोरेनटाईन के लिए ऑडियों, वीडियों व वाट्सअप के माध्यम से निगरानी होगी। इसके अलावा मप्र शासन के सीएम हेल्पलाईन नंबर 181 के द्वारा भी कॉल सेंटर की तरह कॉल किया जाएगा। सीएम हेल्पलाईन से जिले के लिए 8 अलग से फोन लिए गए है। इससे निगरानी करने में और अधिक सुविधा होगी।

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