कोरोना राहत राशि ऊंट के मुंह में जीरे के समान, अधिकांश को नियमो का फंदा डाल कर दिया बाहर- श्री भाटी

महावीर अग्रवाल
मंदसौर ३० नवंबर ;अभी तक;   कोरोना की दूसरी लहर का दर्द प्रत्येक आम नागरिको ने देखा और महसुस किया। अनेक परिवारो में एक या दो या उससे अधिक परिवार के सदस्य असमय ही छोडकर चले गये। मुक्तिधाम से लेकर कब्रस्तान तक शर्वो की कतारो ने सबको द्रवित किया। इस आपदा की विभिषिका के बावजुद प्रदेश सरकार ने जिस प्रकार सहायता राशि देने के नाम पर ढोंग किया है वह आपदा की विभिषिका पर राहत के नाम पर पीडित परिवारो के जख्मो पर नमक है। जिले कें एक आंकलन के अनुसार लगभग पांच हजार  नागरिको की मौत हुई है लेकिन सरकार ने प्र्रशासन के माध्यम से सिर्फ 66 को 33 लाख की राशि जारी है जो सरकार की जनविरोधी मानसिकता उजागर करती हैं।
                  जिला कांग्रेस प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश भाटी ने कहा कि पिछले दिनों मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा दिये गये निर्देशो के तहत कांग्रेसजनो ने सर्वे कार्य किया था। उस सर्वे कार्य के दौरान मंदसौर नगर में ही लगभग तीन सौ नागरिको की मौत कोरोना से होना पाया गया जबकी काफी लोगो ने जानकारिया छिपायी। इस स्थिति में मंदसौर जिले के ग्रामो एवं बिना जांच एवं ईलाज आदी के मृत नागरिको आदी को शामिल कर दिया जाये तो लगभग पांच हजार नागरिक के कोरोना से मृत होने का दावा किया जा सकता है। कांग्रेस नेता डॉ राघवेन्द्रसिंह तोमर द्वारा लगायी गयी आरटीआई के तहत स्वयं जिला चिकित्सालय में अस्पताल प्रशासन ने 677 लोगो की मौत कोरोना काल में स्वीकारी है जबकी अन्य सेंटरो की जानकारियां अब तक उपलब्ध नही हो सकी है।
         श्री भाटी ने कहा कि शिवराजसिंह चौहान सरकार ने कोरोना राहत के दौरान मृतको को पहले एक लाख फिर पचास हजार की राशि देने का ऐलान किया। इस बीच मृतको के प्रमाण पत्रो में कोरोना को अंकित नही किया गया। फिर दबाव आने पर कोरोना इलाज के पेपर तहसील और एसडीम कार्यालय पर देने संबंधी चर्चा हुई लेकिन अधिकांश के पेपर स्वीकार ही नही किये गये। अब इस बीच प्रशासन ने सरकार के आदेश पर 66 मृत नागरिको को 33 लाख की सहायता राशि पचास हजार के मान से प्रदान कर दी है जबकी हजारो मृत नागरिको को सरकार ने अन्य योजना का लाभार्थी एवं अन्य कारणो का हवाला देकर बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
        श्री भाटी ने कहा कि कोई भी राहत राशि परिवार के सदस्य की कमी पुरी नही कर सकती है लेकिन परिवार के अहम सदस्य के चले जाने के उपरांत मुआवजा राशि परिवार संचालन में सहारे का कार्य करती है लेकिन सरकार की मानसिकता जिस प्रकार से उजागर हुई है उसके कारण पीडित परिवारो में शिवराज सरकार के प्रति गहरा रोष है।