कोर्ट मैरेज सादगीूर्ण ढंग से करके नेहा ने दिया संदेश  फिजूलखर्ची के स्थान पर  पैसे का उपयोग जिंदगी को संवारने में करे:

6:57 pm or November 17, 2021
मातनक शर्मा
खडवा.१७ नवंबर ;अभी तक;  शादी में लाखों रुपए खर्च करने वाले लोगों को खंडवा की एक बेटी ने अहम संदेश दिया है। बचपन में ही सिर से पिता का साया उठने के बाद मां ने बड़े संघर्षों से बेटी को अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाया और अब इस बेटी ने ऐसी नेक पहल की जो वाकई तारीफ के काबिल है।
              नेहा ने मंगलवार को मजिस्ट्रेट के सामने बड़े ही सादगी पूर्ण कार्यक्रम में अपना जीवनसाथी चुना। नेहा एमकॉम की पढ़ाई कर चुकी हैं और उनकी शादी जलगांव के रहने वाले कैलाश मातानीके साथ तय हुई थी। दुल्हन की मां आशा हिंदुवानी ने मीडिया कोबताया कि उनकी इच्छा थी कि बेटी को बड़ी ही धूमधाम से विदा करें लेकिन कोरोना काल के कारण वो अपनी ये इच्छा पूरी नहीं कर पाईं। अब जब नेहा और कैलाश की शादी नजदीक आई तो नेहा ने एक ऐसा फैसला लिया जो वाकई तारीफे काबिले है।
श्रीमति ं हिदंुवानी ने बताया नेहा ने अपना फेसला सुनाते हुयेकहा कि उसने मंगेतर कैलाश को  बिना फिजूलखर्ची के सादगी से शादी करने के बारे में कहा। उसकी पूर्ण सहमति है। इस फेसेल का शीरोधार्य करते हुये वर वधु पक्ष के दोनों परिवारों ने
मंगलवार को कोर्ट मैरेज के तहत सादगीपूर्ण तरीके से शादी की । मजिस्ट्रेट के सामनेउपस्थित हुए और एक
दूसरे को माला व अंगूठी पहनाकर सात जन्मों के बंधन में बंध गए।
             नेहा ने  दूसरे लोगों से भी शादी पर होने वाली फिजूलखर्ची रोकने की अपील की है।नेहा ने यहां तक कहा कि शादी  कोई
मनोरंजन नहीं है बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है जिसे समझदारी के फैसलों के साथ निभाना चाहिए। नेहा की शादी में न तो बैंड था..न बाजे थे और न ही बारात लेकिन फिर भी उसकी शादी यादगार हो गयी हैं। उन्होने अपने फैसले के जरिये यहीं संदेश दिया कि शादी में लाखों रुपए की फिजूलखर्ची होती है इस पैसे का उपयोग जिंदगी को संवारने में किया जा सकता है।