कोविड गाइड लाइन में भेदभाव:शादी में मेहमान होंगे 250, मौत पर मातम मनाएंगे 50, ‘माननीय’ के स्वागत की भीड़ पर नहीं कोई रोक-टोक!

भिण्‍ड से डॉ. रवि शर्मा-

भिंड १० जनवरी ;अभी तक; भिंड में मध्य प्रदेश राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम के नवनियुक्त उपाध्यक्ष डॉ. राजकुमार कुशवाहा शासन की बनाई हुई गाइड लाइन को ताक पर रखकर चल रहे है। प्रदेश सरकार ने जब से उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है वे अपने स्वागत समारोह में मशगूल है और जगह-जगह स्वागत कराने में जुटे हुए है। बीजेपी की ओर से ऊमरी से लेकर लहार तक नवनियुक्त उपाध्यक्ष का जगह-जगह स्वागत किया। स्वागत के लिए कार्यकर्ताओं की भीड़ बुलाई गई, इस दौरान कोविड गाइड लाइन की जमकर धज्जियां उड़ाई गई है।

भिंड जिले कोविड की तीसरी लहर की चपेट में है। अब तक सात लोग जिले में कोरोना से पीड़ित है। जिला प्रशासन भी सख्ती से कोविड गाइड लाइन का पालन करने की बात कह रहा है। शादी-विवाह समारोह में 250 मेहमान व अंतिम संस्कार में 50 लोगों को बुलाने की गाइड लाइन बनाई है। इसके साथ जनसमूह वाले कार्यक्रमों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त डॉ. कुशवाहा ने एक बार फिर से कोविड गाइड लाइन तोड़ी है। वे, कोविड गाइड लाइन को ध्यान में नहीं रख रहे है और लगातार जगह-जगह स्वागत करा रहे है। रविवार को वे ऊमरी, रौन, मिहोना और लहार में स्वागत कराने पहुंचे। इस दौरान मंचासीन पदाधिकारियों में कोई भी मास्क लगाए नजर नहीं आया।

आंखें बंद करके देख रहे प्रशाासनिक अफसर

भिंड जिले का प्रशासन राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त कुशवाहा के स्वागत समारोह को लेकर आंखें बंद कर ली है। जिला प्रशासन की क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठकों में कोविड गाइड लाइन का पालन कराए जाने की बात कही जाती है। जनसमूह वाले कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाया जाता है। शादी-विवाह में 250 और अंतिम संस्कार में 50 लोग शामिल होने की बात कही जाती है। परंतु राज्यमंत्री के स्वागत समारोह में शामिल होने वाले लोगों की भीड़ पर नियंत्रण नहीं है। ऐसे तो फैलने वाले कोरोना रोक नहीं लगाई जा सकती है।

सवालों के जवाब देने से कतरा रहे राज्यमंत्री

कोविड गाइड लाइन के जनसमूह एकत्रित करने पर रोक लगी है ऐसे में राज्यमंत्री का स्वागत समारोह कितना उचित है?

– तीसरी लहर में कोविड संक्रमण तेजी से फैल रहा है ऐसे में बिना मास्क के बीजेपी कार्यकर्ताओं की भीड़ बुलाना कितना उचित है?

इन सवालों के जवाब को लेकर नवनियुक्त उपाध्यक्ष से दैनिक भास्कर संवाददाता ने मोबाइल पर संपर्क किया। उनका फोन रिसीव हुआ किसी अन्य व्यक्ति द्वारा फोन उठाया गया। जब प्रश्न पूछने के लिए बात कराने को कहा तो फोन काट दिया गया और फिर फोन रिसीव नहीं हुआ। इस तरह से सवालों के जवाब देने से कतरा रहे हैं।