कोविड दिवंगतों को श्रद्धांजली देकर 52 दिन बाद शुरू हुई मंडी

मयंक भार्गव

बैतूल २ जून ;अभी तक;  52 दिन के लंबे लॉकडाउन के बाद से जिले में चरणबद्ध अनलॉक की शुरूवात हो गई। प्रदेश और जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को छोड़ किसान वर्ग की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। किसानों से संबंधित लगभग सभी जरूरी सामानों की दुकाने शुरू होने के बाद से कृषि उपज मंडी में गल्ला खरीदी भी शुरू हो गई। पहले दिन मंडी के सभी किसानों, व्यापारियों, मंडी के अधिकारियों- कर्मचारियों ने कोविड में दिवंगत हुए सभी मृतकों को श्रद्धांजली देकर दो मिनट का मौन धारण किया। इसके बाद खरीदी शुरू हुई। लॉकडाउन के दौरान सोयाबीन के दाम में जबरदस्त उछाल आया 10 अपै्रल को 5476 रूपए न्यूनतम भाव पर बिकने वाली सोयाबीन 6.961 रूपए उच्चतम भाव में बिकी। अनलॉक का पहला दिन होने से अधिक आवक नहीं हुई। सिर्फ 2115 बोरे की ही कुल आवक हुई। किसानोंं, व्यापारियों, हम्मालों, कर्मचारियों ने कोविड गाइडलाइन को फॉलों कर अपना काम किया।

जिला प्रशासन द्वारा 9 मई शाम 6 बजे से जिले में लॉकडाउन लगाने के बाद कृषि उपज मंडी में गल्ला खरीदी भी बंद हो गई थी। मंडी सचिव एसके भालेकर ने बताया कि शासन द्वारा कृषि उपज मंडील में गल्ला खरीदी शुरू करने के निर्देश मिलने के बाद मंगलवार से गल्ला खरीदी शुरू कर दी गई। श्री भालेकर ने बताया सबसे पहले वैश्विक महामारी कोविड संक्रमण से मृत हुए किसानों, व्यापारियों और सभी मृतकों को दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद व्यापारियों ने खरीदी शुरू की।

2115 बोरे की ही हुई आवक

52 दिन के लंबे अंतराल के बाद मंडी खुलने के बावजूद पहले दिन कम किसान ही उपज लेकर पहुंचे। मंडी सचिव श्री भालेकर ने बताया सिर्फ 2115 बोरे की ही आवक हुई जिसमें सर्वाधिक 1693 बोरे गेहूं, 220 बोरे सोयाबीन, 178 बोरे मक्का, 13 बोरे चना, 7 बोरे सरसों और 4 बोरे तुवर की ही आवक हुई। श्री भालेकर ने बताया मंडी में कोविड दिशा निर्देशों का पूरी तरह पालन कर खरीदी शुरू की गई है