कोविड-19 अनुकूल व्यवहार परिवर्तन सघन अभियान 7 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक संचालित

मयंक भार्गव, बैतूल से

बैतूल, 07 अक्टूबर ;अभी तक;   स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड-19 अनुकूल व्यवहार परिवर्तन सघन अभियान 7 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक संचालित किया जा रहा है। जिसकी थीम ‘‘सावधानी में ही सुरक्षा है’’ और पंच लाइन कोरोना से बचने के लिये है जरूरी, मास्क पहने, धोते रहें हाथ, रखें दो गज की दूरी।

सीएमएचओ डॉ. प्रदीप कुमार धाकड़ ने बताया कि कोविड-19 के बढ़ते प्रकरणों एवं वायरस संक्रमण के खतरे के बीच आर्थिक गतिविधियां प्रारंभ की गई हैं। आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना प्रभावशील है। आगामी समय में त्यौहार आने के कारण मिलना-जुलना एवं एकत्रित होना आरंभ हो गया है। शीत ऋतु भी आने को है जिसके कारण वातावरण का तापमान कम हो जाता है और यह वायरस प्रसार के लिये उपयुक्त होता है। ऐसे में व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता को देखते हुये विभिन्न विभागों के सहयोग से 7 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक कोविड-19 अनुकूल व्यवहार परिवर्तन सघन अभियान चलाया जायेगा। कोरोना से लडऩे के लिये हमें जिन व्यवहार परिवर्तनों की आवश्यकता है उसके विषय में आवश्यक संदेश इस अभियान में शामिल किये जायेंगे। कोरोना की स्थिति में लोग इस संक्रमण की गंभीरता और उसकी भयावहता को समझ सकें, किन्तु उससे डरे बिना सामान्य जीवन जी सके, ऐसे उपायों का पालन करने के लिये उन्हें प्रेरित किया जायेगा।

भारत शासन द्वारा चिन्हित कोरोना संक्रमण रोकने संबंधी अनुकूल व्यवहार इस प्रकार हैं:- दूर से अभिवादन करें। ना किसी से हाथ मिलाए ना गले मिलें। आपस में 2 गज की दूरी जरूर रखें। घर से बाहर निकलने पर हमेशा मास्क पहनें। बार-बार अपनी आंख नाक और मुंह को छूने से बचें। खाँसते और छींकते समय अपने मुंह तथा नाक को ढक कर रखें। श्वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन करें। बार-बार साबुन तथा पानी अथवा अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर से हाथों को धोएं। सार्वजनिक स्थानों पर ना थूकें। तंबाकू, गुटका, खैनी, पान आदि खाकर यहां वहां ना थूकें। बार-बार छुए जाने वाली सतहों को नियमित रूप से विसंक्रमित करें। अनावश्यक यात्रा से बचें। कोरोना को लेकर किसी से भेदभाव ना करें। अनावश्यक भीड़ भाड़ इक_ा ना होने दें। अफवाहों पर ध्यान ना दें और सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट जानकारी को प्रसारित ना करें। सूचना के भरोसेमंद स्त्रोतों से ही जानकारी लें, कोरोना के विषय में जानकारी के लिए भारत शासन अथवा प्रदेश शासन के टोल फ्री नंबर पर कॉल करें। आपस में सभी एक दूसरे को मनोवैज्ञानिक रूप से सहयोग प्रदान करें।

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