क्या 800 दुकानों का भविष्य 5 हजार रु वार्षिक पर सुरक्षित, वन मेन और करोड़ो रु की वसूली का क्या है सच जांच से पता चल सकेगा

5:16 pm or November 28, 2022
(  महावीर अग्रवाल  )
मन्दसौर  २८ नवंबर ;अभी तक;  देखो न दांतो तले कोई सुनते ही उंगली दबा लेता है तो होगा न आश्चर्य परन्तु शासन के कान बदनामी के बाद भी क्यो खड़े नही होंगे। शासन और प्रशासन को पहले इसकी इत्मीनान से तहकीकात कर कदम उठाना चाहिए । भाई सूचना है तो जांच कर सही गलत का पता तो लगाना ही चाहिए । मन्दसौर जिले में 800 मेडिकल स्टोर्स बताए जाते है और इनका  वार्षिक भविष्य मात्र 5 हजार रु प्रति दुकान सुरक्षित बताया जाता है। यदि ऐसा है तो मामला प्रतिवर्ष करोड़ो रु में । है न चोकाने वाला मामला लेकिन शासन की गोपनीय जांच के बाद ही शासन को ही इसकी वास्तविकता को जनता के सामने रखना चाहिए। यदि कभी नीमच जिले का भी चार्ज मिल जाए तो फिर इसे क्या कहेंगे वह शासन को ही बताना होगा।
एक मेडिकल स्टोर के संचालक ने गोपनीय शिकायत को लेकर चोकाने वाली जानकारी दी है। गोपनीय शिकायत शासन से कोई यहां आई है तो यह कैसी शिकायत है जो एक व्यक्ति के द्वारा आकर उसी के साथ चली गई। यदि ऐसा है तो इस आश्चर्य की घटना की तह तक जिला प्रशासन को जाकर पता लगाना चाहिए क्योंकि मामला करोड़ो का है भी या नही यह भी तो जिला प्रशासन को पता चल सकेगा। मेडिकल स्टोर के संचालक ने बताया कि जिले भर की मेडिकल की दुकानों का निरीक्षण मात्र एक कर्मी के रहमो करम पर। आश्चर्य तो तब हुआजब भ्रष्टाचार की राशि का सुना।
                          चर्चा में बताया कि प्रतिवर्ष प्रति दुकान 5 हजार रु। नई दुकान के लाइसेंस और पुराने का कोई नवीनीकरण हो तो बात अलग। लेकिन जिला प्रशासन की गोपनीय जांच के बाद ही वास्तविकता का पता चल सकेगा। मुख्यमंत्री जी वनमैन शो में प्रदेश में चौकाने वाली घटना को लेकर आगामी विधानसभा चुनाव का ताना बाना कैसा होगा चिंतनीय है।
                          मेडिकल स्टोर के संचालक ने बहुत कुछ बताया लेकिन शासन की इतनी बड़ी शासकीय व्यवस्था मात्र एक कर्मी के जिम्मे और उसके पास भी सभी नियम सुरक्षित तो फिर दुकानदारो में भय क्यो नही होगा। एक पूर्व मंत्रीजी भी कभी मेडिकल की दुकान चलाते थे और वार्षिक वाले मामले में उन्होंने तत्काल मुह पर है वास्तविकता बता दी थी। परेशान किसी ने व्यक्ति ने शासन तक कान खड़े कर देने वाली बात पहुचाई होगी जिसकी कोई गोपनीय जांच अधिकारी के पास आकर गोपनीय होकर चली गई होगी लेकिन जिला प्रशासन को चाहिए कि अपने वरिष्ठ अधिकारी से जिले के सभी मेडिकल की दुकानों से गोपनीय रूप से रिश्वत या भ्रष्टाचार की जांच करवाना चाहिए क्योंकि स्वच्छ प्रशासन का यही तकादा है।
                            मेडिकल दुकान के संचालक ने वार्षिक वाली बात बहुत ही भरे गले से बताई जो निश्चित रूप से ठोस गोपनीय कदम की प्रेरणा देता है।
जिले में कोई 800 मेडिकल की दुकानों के कुशल संचालन का दायित्व संभाले ओषधि निरीक्षक श्री जय कुमार से जब किसी गोपनीय जांच के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ मना किया और कहा कि हमे ऐसी कोई जांच की जानकारी नही है उन्होंने ने तो यहां तक कह दिया कि में एसपी से  जांच सम्बधी मामले को लेकर बात करता हूं। यह बात हुई या नही वे ही जाने जबकि एसपी से सम्बन्धित बात चर्चा में थी ही नही अब इसके लिए कौन सा मुहावरा है ।
                                मेडिकल दुकान के संचालक कि बात मानी जाए तो जिले भर के मेडिकल की दुकानों के संचालकों से गोपनीय जांच के द्वारा प्रतिवर्ष आदि का मामला देखना चाहिए ताकि प्रशासन वास्तविकता से अवगत हो सकेगा ओर जनता भी जान सकेगी वरना वनमैन शो में प्रतिवर्ष का करोड़ो का मामले कि गोपनीयता बनी रहेगी और फिर मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के भ्रष्टाचार मुक्त शासन पर वन मेन शो का पर्दा डला रहेगा।
                                 यह भी तो खबर महत्वपूर्ण है कि अभी तक जिले में औषधी प्रशासन की जांच में 800 मेडिकल स्टोर में से कब और कितने सही चलते पाए गए और कब कितने सही नही होने पर क्या कार्यवाही की गई ,यह आज तक नही बताया गया। इन मेडिकल की दुकानों पर कौनसी मेडिसिन सही रूप में मिल रही है या नही । क्या कुछ मेडिकल स्टोर पर नशे की किसी प्रकार की कोई गोलियां बिकती है जिन पर रोक लगाने के कोई ठोस कदम उठाए गए या नही या जिले में किसी भी मेडिकल स्टोर पर नशे की कोई गोली नही बिकती है ,कभी नहीं बताया गया। ये सभी यक्ष प्रश्न छिपे है शासन प्रशासन के ठोस कदम उठाने के लिए।
                               यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि ओषधि प्रशासन विभाग जिला चिकित्सालय की प्रथम मंजिल पर एक छोटे से कक्ष में चलता है। आपकों में यहां यह बता दू की कोई 20 दिन से अधिक समय तक मेने देखा कि इस कमरे पर लगा ताला खुला ही नही और जब भी यहां जानकार से पूछो तो यही बताया कि साहब दौरे पर है। अब यह तो एक माह तक भ्रमण कर वस्तु स्थिति सामने है तो पूरे वर्षभर विभाग केसा चल रहा होगा जिला प्रशासन व मुख्यमंत्री के सामने है।