क्षय रोग हटाने के नाम पर आने वाला बजट कागजो पर हो रहा खर्च

10:36 pm or June 15, 2022

दीपक शर्मा
पन्ना, 15 जून , अभीतक /जिले के विभिन्न शासकीय कार्यालयों में क्षेत्रीय भ्रमण के नाम पर पदस्थ कर्मचारी अपने व्यक्तिगत कामो मे लगें रहते है तथा कार्यालयों से नदारत रहते है। क्योकि कर्मचारियों के लिए घूमने-फिरने के साथ-साथ अर्थ लाभ के लिए अन्य कार्य करने का अच्छा सिस्टम बन गया है। जिला अस्पताल के क्षय वार्ड में पदस्थ एसटीएस की कार्यप्रणाली काफी दिनों से इस बात को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है कि यह फील्ड विजिट के नाम पर कार्यलय से नदारद रहते है इसकी जानकारी क्षय वार्ड के प्रभारी अथवा अन्य कर्मचारियों को भी है, परंतु सब कुछ जानते हुए भी सब कुछ अंधेर नगरी चैपट राजा की तर्ज पर चल रहा है।
                          उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल पन्ना में पुराने कोविड सेक्टर में टीबी वार्ड बनाया गया है, जिसमें छह बेड की सुविधा है। जानकारी के अनुसार वर्तमान में यहां पर 4 मरीज भर्ती हैं। बताया गया है कि जो भी मरीज ज्यादा गम्भीर होता है उसे रेफर कर दिया जाता है। काबिलेगौर है कि यहां क्षय नियंत्रण के लिए एक एनजीओ भी कार्य कर रहा है। जिले में टीबी के हालात की बात करें तो क्षय नियंत्रण को लेकर गम्भीरता नहीं बरती जा रही है। जिले के कई दूरस्थ ग्रामों में टीबी के हालातों पर नजर डालने की फुर्सत किसी को नहीं है।                          जिले के रैपुरा क्षेत्रांतर्गत ही कई ग्रामों में टीबी को लेकर लोगों में अभी भी जागरूकता की कमीं है और इलाज होने के बावजूद टीबी से ग्रसित लोग इसे छुपाये बैठे रहते हैं। पन्ना जिला क्षय रोग से मुक्त हो, इस दिषा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जाते हैं, साथ ही इसके लिए बजट भी जिला स्तर पर दिया जाता है, लेकिन इसका उचित रूप से सदुपयोग नहीं हो पा रहा है। क्षय वार्ड की व्यवस्थाओं को दुरूस्त बनाने के लिए कलेक्टर व सीएमएचओ को विषेष प्रयास करने होंगे।
इनका कहना हैः-जो कर्मचारी कार्यालय मे अपना कार्य नही करेगें उनके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।
डॉ. प्रतीष ठाकुर प्रभारी टीबी वार्ड