क्षेत्र में छोटे-छोटे उद्योग पार्क बनाए जाएंगे, जिससे मजदूरों का रुकेगा पलायन – मंत्री श्री सखलेचा 

महावीर अग्रवाल
मंदसौर 3 सितम्बर ;अभी तक;  सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग मध्यप्रदेश शासन के मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा की अध्यक्षता में बसई क्षेत्र में इकोनामिक ग्रोथ सेंटर बनाए जाने के संबंध में बैठक ली गई। बसई के आसपास के क्षेत्र को किस तरह इकोनामिक ग्रोथ सेंटर बनाया जाएगा, सांस्कृतिक केंद्र, औद्योगिक केंद्र, हॉर्टिकल्चर, पर्यटन, सांस्कृतिक, प्राकृतिक, वाटर स्पोर्ट्स, ऐतिहासिक धरोहरों से किस तरह से जोड़ा जाएगा। इस पर विस्तार से चर्चा की गई।
             बैठक के दौरान मंत्री श्री सखलेचा द्वारा कहा गया कि इस क्षेत्र में छोटे-छोटे औद्योगिक पार्क बनाए जाएंगे। छोटे-छोटे पार्क बनाए जाने से लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। जिससे जनसंख्या का पलायन रुकेगा। छोटे-छोटे उद्योग बनाए जाने से एक साल के अंदर ही ऐसे उद्योग प्रोडक्शन देना शुरू कर देते हैं। जिससे जिले का आर्थिक विकास भी होगा तथा यहां की जनसंख्या आर्थिक रूप से भी समृद्ध होगी। उद्योगों को विज्ञान एवं तकनीकी से जोड़ा जाना अनिवार्य है। प्रायः यह देखा जाता है कि कोई भी उद्योग हो उसकी प्रत्येक 3 वर्ष में विज्ञान एवं तकनीकी बदल जाती है। इसलिए ऐसे उद्योगों में आधुनिकीकरण होना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही उनके द्वारा कहा गया कि लोगों के द्वारा उद्योग शुरू करने के लिए उन्हें जो सहयोग मिलना चाहिए। वह समय पर मिलना जरूरी है। उद्योग लगाने की इच्छा जाग्रत होते ही उद्योगपति को सहयोग मिल जाना से काम की क्षमता दोगुनी हो जाती है। उत्पादन भी काफी अच्छा होने लगता है। जिससे उद्योगपतियों का उत्साह भी बना रहता है। ऐसा करने से उत्पादन की क्षमता ज्यादा बढ़ती हैं। एमएसएमई के माध्यम से अब औद्योगिक क्षेत्र में 40 प्रतिशत सब्सिडी सरकार के माध्यम से प्रदान की जा रही है।
              उन्होंने कहा कि मिल्क के बाय प्रोडक्ट पर अब फोकस किया जाना चाहिए। ऑर्गेनिक पर भी किसानों को विशेष तौर पर ध्यान देना चाहिए और आर्गेनिक मिल्क कि आज के समय में बहुत आवश्यकता है तथा कीमत भी है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पश्चात जिले में उद्योग के बारे में जानकारी देने के लिए प्रत्येक जिले में एक एक टीम भी तैयार होगी, जो इसके बारे में विस्तार से बतायेगी। मंदसौर जिले में गांधी सागर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन हब के निर्माण के लिए विशेष प्रयास होंगे, ताकि यहां पर अधिक से अधिक लोग पर्यटन के लिए आए। जिले में पर्यटन के साथ-साथ पर्यटकों को मेडिसन एवं आध्यात्मिक फैसिलिटी भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटन हब के साथ-साथ एजुकेशन हब का भी निर्माण किया जाना चाहिए। इसके साथ ही स्कूल, कॉलेज भी डिजिटल बनते जा रहे हैं, इसको और भी विस्तारित रूप देना चाहिए। ऑनलाइन पढ़ाई का कंसेप्ट अब समझना पड़ेगा। अब समय ऑनलाइन पढ़ाई का आ चुका है। बैठक के दौरान नवीन एवं नवीकरणीय एवं पर्यावरण विभाग के मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग, सांसद श्री सुधीर गुप्ता, मंदसौर विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया, गरोठ विधायक श्री देवीलाल धाकड़, श्री नानालाल अटोलिया सहित जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री मनोज पुष्प, सीईओ जिला पंचायत श्री ऋषव गुप्ता, उद्योग विभाग, उद्यानिकी विभाग, पीओ डोडा, उद्योग संघों के अध्यक्ष उपस्थित थे।
               बैठक के दौरान मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग द्वारा कहा गया कि लोगों को बैंक एवं उद्योग विभाग के माध्यम से आसानी से रोजगार प्राप्त होना चाहिए। रोजगार प्रदान करने के लिए बसई के आसपास का क्षेत्र बहुत विस्तृत है। वहां पर छोटे-छोटे उद्योग आसानी से स्थापित किए जा सकते हैं। इसके साथ ही बेरोजगार युवकों को बैंकों के माध्यम से आसानी से लोन प्राप्त होना चाहिए। बैंकों के माध्यम से हर युवक को आसानी से लोन प्राप्त होना चाहिए तथा बैंक से हर तरह की सुविधा आसानी से मिलनी चाहिए। बैंक लोन देने में तत्परता रखें। इस बात का बैंकों को विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए। बसई के आसपास के क्षेत्र में औद्योगिक हब बन जाने से क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा।
               सांसद श्री सुधीर गुप्ता द्वारा बैठक के दौरान कहा गया कि एमएसएमई विभाग के माध्यम से इस तरह के सेमिनार आयोजित होने चाहिए, जिसमें ऐसे रुचिकर लोग शामिल हो जो उद्योग ट्रेनिंग लेना चाहते हैं तथा वे लोग ट्रेनिंग लेने के पश्चात उद्योग स्थापित करें तथा उसका बेनिफिट लेवे। इस तरफ से लोगों को आसानी से प्रशिक्षण मिलना चाहिए। बसई व गांधी सागर क्षेत्र को सुंदर बनाने के लिए लगातार जिले में काम किया जा रहा है। इस कार्य के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ प्रशासन भी तत्परता के साथ लगा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हर तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। पर्यटन का रास्ता मंदसौर जिले से निकलकर उदयपुर व पुष्कर तक जाना चाहिए। यहां से पर्यटन का रूट बनने से पर्यटन के साथ-साथ आर्थिक विकास का केंद्र भी बनेगा।
विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया द्वारा कहा गया कि बसई के आसपास का क्षेत्र इकोनॉमिक हब बन जाने से यह क्षेत्र 8 लाइन से भी आसानी से जुड़ेगा। इह क्षेत्र में वाटर स्पोर्ट्स भी मिला है। जिससे बसई बहुत ही अच्छा केंद्र बनेगा। शिक्षा के लिए भी अधिकतर लोग कोटा जाते हैं। क्षेत्र का विकास होने से लोग आसानी से कोटा से आना और जाना कर सकेंगे।
विधायक श्री देवीलाल धाकड़ द्वारा कहा गया कि इकोनामिक हब के माध्यम से गरोठ, सुवासरा, सीतामऊ क्षेत्र के लोगों को आसानी से रोजगार मिलेगा। पढ़ाई के पश्चात बहुत से युवक बेरोजगार घूमते रहते हैं। उनको आसानी से रोजगार नहीं मिलता है। इस तरह के हब से ऐसे व्यक्तियों का आसानी से रोजगार मिलेंगे। जिससे युवा भी छोटे-छोटे उद्योग स्थापित कर सकेंगे। इस क्षेत्र में संतरा, धनिया, लहसुन, मेथी के छोटे-छोटे उद्योग आसानी से युवाओं के द्वारा स्थापित किए जा सकते हैं।
उद्योग संघों से की गई चर्चा
बैठक के दौरान मंत्री श्री सखलेचा के द्वारा उद्योग संघ के लोगों से चर्चा की गई। बैठक के दौरान उद्योग संघों के द्वारा समस्याओं से मंत्री श्री सखलेचा को अवगत कराया गया। उद्योग संघों के द्वारा कहा गया कि डीएलसीसी की बैठक में एमएसएमई को एक टारगेट प्रदान किया जाना चाहिए। मंत्री श्री सखलेचा द्वारा कहा गया कि, उद्योगों के संबंध में कोई भी समस्या आड़े नहीं आने दी जाएगी। पेंडिंग केशों को तुरंत रिव्यू कराया जाएगा। उद्योग क्षेत्र में किसी भी पॉलिसी का दखल नहीं होगा और उद्योग क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां ही होगी।

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