खंडवा में वैक्सीन नहीं तो शराब नहींः सर्टिफिकेट दिखाना जरूरी के अपने ही आदेश से आबाकारी अधिकारी पल्टे

मयंक शर्मा
खंडवा १९ नवंबर ;अभी तक;  खंडवा जिला ं आबकारी विभाग ने आदेश जारी कर सरकारी मदिरा दुकानदारों का फरमान सुनाया कि वैक्सीन नहीं तो शराब नहींः। शराब चाहिये तो टीकस लगवाने का सर्टिफिकेट दिखाना होगा।अपने दो दिन पूर्व के सरकारी
आदेश से पल्टवार करतेे हुये  अधिकारी का एक  बीीडियो वायरल हो रहा है जिसमें उन्होने कहते हुये दिखाया हे कि  ग्राहक को सर्टिफिकेट दिखाना भी जरूरी नहीं होगा, बस हां कहने पर शराब दे दी जाएगी। आदेश के पीछे जिला आबकारी अधिकारी का तर्क है कि, शराब पीने वाला झूठ नहीं बोलता है। हा कहने पर कि वैक्सीन के दोनों डोज लगे ग्राहक को ही शराब बेची जाएगी।
ग्राहक को सर्टिफिकेट दिखाना भी जरूरी नहीं होगा।
                   उन्होने अपने  आदेश के पीछे हटने के तर्क में कहा कि उन्हें 25 साल की नौकरी का तर्जुबा है कि शराब पीने वाला झूठ नहीं बोलता है। हो सकता है बार-बार टोकने से ग्राहक को शर्म आए और वह वैक्सीन लगवा ले। अपने आदेश में विभाग जिला प्रमुख ने जिला बैठक का हवाला देते हुये ओदश मे कहा कि मीटिग में दिये गये निर्देश है। इसी के तहत उन्होने कहा कि खंडवा
जिले में 55 देसी व 19 विदेशी शराब की दुकानें हैं। सभी दुकानों का संचालन एकमात्र कंपनी सेवियर ट्रेडर्स भोपाल के आशीष शुक्ला करते है।
                    16 नवंबर को जिला आबकारी अधिकारी रामप्रकाश किरार ने ठेकेदार आशीष शुक्ला को आदेश पत्र जारी कर अवगत कराया कि वैक्सीन के दोनों डोज लगे ग्राहकों को ही शराब की बिक्री की जाए। इसके दो दिन बाद आादेश को पीछे छोडते हुये गुरुवार को उन्होने  मीडिया के समाने वीििडयो पर आते हुये  अपने 25साला अनुभव क े आधार पर बोल गये कि खरीददार के हा कहने पर उसे शराब बेची जायेगी।
           अजीबो गरीब बात यह है कि 16 नव के सरकारी आदेश से मदिरा दुकान पर बैठे सेल्स मेन बकायदा मदिरा बेचते रहे। नगर की कलाली के एक कमीग् राम  सेवक ने बताया कि सार्टीफिकेट बतलने पर ही बिकी्र करेगें ऐसी  जानकारी या  ऐसा
कोई आदेश नहीं मिला है।
             आबकारी विभाग का यह आदेश सिर्फ कागजी और हवाई बनकर रह गया है और अपने अदेश के परिपालन के स्थान पर उन्होने स्व विवेक के तर्को से कुचल भी दिया है।  इसी तरह बीते माह प्रदेश सरकार ने आदेश जारी किया था कि शराब खरीदी
पर बिल दिया जाएगा। लेकिन बिल मांगने पर दुकान संचालक बिल नहीं देते हैं।