खंडवा लोकसभा उपचुनाव 2021 मे हार पर कांग्रेस में मंथन- ठीकरा फूटने पर मुस्लिम नेता उद्वेलित

मयंक शर्मा
खंडवा ९ नवंबर ;अभी तक;  मप्र के  खंडवा लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस की हार का ठीकरा
कांग्रेसी नेताओं ने मुस्लिम समाज पर फोड़ दिया है। मुस्लिम बाहुल्य
वार्डों में वोटिंग परसेंटेज बहुत डाउन रहा है। कम वोंिटग के कारण
कांग्रेस पराजय का जबाबदेह बतलाने के प्रतिकार में मुस्लिम समाज उद्वेलित
है और समाज के नुमाईदो विशेशकर कांग्रेस  नेताओं ने आपत्ति करते हुये
गहरा रोष जताया है। मुस्लिम नेता ने कांग्रेस कार्यालय पर सख्त लहजे में
कहा कि आप हमें ज्यादा प्रताड़ित करेंगे तो अबसे सारे बूथ खाली रहेंगे।
कांग्रेस के वरिष्ट नेता सलीम पटेल कहा कि हर बार मुस्लिम लीडर या
मुस्लिम समाज पर कार्रवाई क्यों होती है। कार्रवाई मूंछ वाले कांग्रेसी
पर होनी चाहिए। कांग्रेस नेता मुस्लिम समाज की अनदेखी करते रहे तो
कांग्रेस को ढूंढे से हम नहीं मिलेंगे। मुस्लिम वोटों को लेकर खंडवा में
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक हुई थी। इस पर लोगों ने कहा है कि मुस्लिम
समाज और कांग्रेस पार्टी का साथ तो चोली दामन का है।
मुस्लिम नेता सलीम पटेल ने आगे कहा कि आजादी के पहले का हमारा साथ है।
साथ ही मुस्लिमों के पास मध्यप्रदेश में कांग्रेस के अलावा कोई विकल्प
नहीं है। हम तो वोट काग्रेस को ही डालते हैं और हमें पार्टी की तरफ से
कुछ सुविधा नहीं मिलती, फिर भी हम वोट डलवाते हैं। अगर कांग्रेस ऐसे ही
प्रताड़ित करेगी तो आने वाली पीढ़ी को सोचना पड़ेगा कि वोट करे या ना करें।
मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए उप चुनाव में हार के बाद अब कांग्रेस में
मंथन का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री
कमलनाथ की उपस्थिति में एक  बैठक राजधानी भोपाल मे भी हुई। इसमें
उम्मीदवारों के साथ चुनाव प्रभारियों, सह प्रभारियों और समन्वयकों ने भाग
लिया। बैठक में हार के कारणों को तलाशा गया।
बता दें कि कांग्रेस को खंडवा लोकसभा के अलावा पृथ्वीपुर और जोबट सीट पर
हार मिली है। हालांकि, कांग्रेस  भाजपा  के कब्जे की रैगांव विधानसभा सीट
जीत ली है।उपचुनाव में कांग्रेस को अपनी दो पारंपरिक सीटें (पृथ्वीपुर व
जोबट) गंवानी पड़ी। इसके साथ ही खंडवा लोकसभा क्षेत्र में पूरी जोर आजमाइश
के बावजूद भी पार्टी को सफलता हाथ नहीं लगी।कांग्रेस उम्म्ीदवार ठा
राजनारायणसिंह को 80 हजार वोटों से शिकस्त मिली।
मध्य प्रदेश उपचुनाव को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सेमीफाइनल के तौर
पर देखा जा रहा था और कांग्रेस नेताओं को सकारात्मक नतीजों की पूरी
उम्मीद थी। कांग्रेस के पास महंगाई, बेरोजगारी, आदिवासियों के खिलाफ
अत्याचार व अन्य मुद्दे भी थे, लेकिन कांग्रेस न मुद्दों को भुना पाई और
न ही भाजपा सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी का कांग्रेस को ज्यादा फायदा
मिला।
बता दें कि अरुण यादव खंडवा से प्रबल दावेदार थे, लेकिन कमलनाथ का विपरीत
रुख देखते हुए उन्होंने खुद चुनाव न लड़ने का ऐलान कर दिया। ऐसे में इस
बात की भी चर्चाएं हैं कि अरुण यादव के समर्थकों ने कांग्रेस उम्मीदवार
राजनारायण सिंह पुरनी का पुरजोर तरीके से समर्थन नहीं किया जिसे
खंडवा लोकसभा क्षेत्र में अंतर्कलह के रूप मे देखा जारहा है। हालांकि,
खुद अरुण यादव चुनाव प्रचार में खूब सक्रिय दिखे।खंडवा में हार के बाद
कांग्रेस प्रत्याशी राजनारायण सिंह तो खुलेआम अरुण यादव का नाम लेकर
निशाना साध चुके हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा है कि 2024
लोकसभा चुनाव में भी वही कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। उपचुनाव में
जिन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई थी, कमलनाथ उनसे जवाब तलब कर रहे है।इन
नेताओं से कहा गया है कि वे हार के कारणों की जानकारी लिखित में दे।
उपचुनाव में शिकस्त के बाद कांग्रेस अब हार के कारणों को तलाशने में जुट
गई है। कांग्रेस से प्रत्याशी रहे ठा. राजनारायण सिंह ने शनिवार को चार
घंटे से अधिक समय गांधी भवन में गुजारा। इस दौरान उन्होंने नेपानगर,
बुरहानपुर, बागली, बड़वाह विधानसभा में कांग्रेस को बड़े अंतर से मिली हार
पर पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्ष किया।
श्री सिंह ने कहा कि पिछले चुनाव में पंधाना विधानसभा हम 56 से 58 हजार
के अंतर से हारे थे। इस बार पंधाना में महज चार हजार का अंतर रहा। इसी
तरह खंडवा विधानसभा में 45 हजार का अंतर महज चार से पांच हजार पर आ गया।
मांधाता विधानसभा 43 हजार से हारे थे, लेकिन यहां से हम साढ़े आठ हजार
वोटों से जीते हैं।
राजनारायणसिंह ने कहा कि ं समझना चाहिए कि उम्मीद की किरण बाकी है।
उन्होंने मुस्लिम क्षेत्रों में मतदान कम होने और परंपरागत वोट नहीं
मिलने पर भी पार्टी पदाधिकारियों से मंथन किया।
पत्रकारों ने जब अरुण यादव के प्रभाव वाली विधानसभा सीटों पर कांग्रेस की
हार को लेकर सवाल किया तो सिंह ने कहा कि मैं टिप्पणी करना उचित नहीं
समझता। सारा काम वरिष्ठ नेताओं का है। इस संबंध में रिपोर्ट देने का काम
मेरा नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं।
संघर्ष के दौर में कार्यकर्ताओं ने जो परिचय दिया है उसे बढ़ाने के लिए
विचार-विमर्ष कर रहे हैं। भोपाल में प्रदेशस्तरीय बैठक के बाद जिला
कांग्रेस अध्यक्ष ओंकार पटेल के साथ विचार-विमर्श करके आम लोगों का आभार
व्यक्त करने के लिए कार्यक्रम तय किया जाएगा। इधर, बैठक के बाद अध्यक्ष
ओंकार पटेल ने कहा कि पहले की तुलना में कांग्रेस का अच्छा प्रदर्शन रहा।
किस क्षेत्र में कांग्रेस को कितने मत मिले, इस आधार पर जिम्मेदारी तय
होना चाहिए।